- प्रीतम के खिलाफ कार्रवाई से इसलिए हिचक रही पार्टी, दिल्ली भेजी रिपोर्ट

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
चाल, चरित्र और चेहरे वाले कलीने के कुनबे में आए दिन कोई न कोई जनप्रतिनिधि ऐसा विवादित काम कर जाता है, जिससे सत्ता और संगठन की फजीहत होती है। ताजा मामला शिवपुरी जिले से पिछोर के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का सामने आया है। लोधी ने जिन शब्दों में एक आईपीएस अधिकारी को धमकी दी है, उससे आईपीएस एसोसिएशन नाराज है और विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। वहीं दूसरी तरफ स्थिति यह है कि पार्टी लोधी के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से घटनाक्रम की जानकारी मांगी। प्रदेश संगठन ने लोधी के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी भेज दी गई है। दरअसल, प्रदेश में लोधी समाज का 28 अप्रैल को एक सम्मेलन प्रस्तावित है, इसलिए पार्टी विधायक प्रीतम लोधी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करना चाह रही है। दरअसल, विधायक प्रीतम लोधी मामले में भाजपा का प्रदेश नेतृत्व फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहा है। पार्टी संगठन का कोई भी नेता इस बारे में प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। इन दिनों न्यूज चैनल में होने वाली डिबेट में भी भाजपा का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हो रहा है। वहीं प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पंचायतराज मंत्री प्रहलाद पटेल के बीच चर्चा हुई। पटेल ने लोधी की ओर से संगठन को सफाई दी। बता दें कि विधायक प्रीतम लोधी का मामला गत 16 अप्रैल का है। विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तो विधायक लोधी ने करैरा के प्रशिक्षु आईपीएस एसडीओपी आयुष जाखड़ को सीधे तौर पर धमकी दी। उन्होंने एक वीडियो में कहा- अपनी औकात में रहो… क्या करैरा तुम्हारे डैडी का है? इसके बाद से लोधी लगातार वीडियो जारी कर प्रशिक्षु आईपीएस को धमका रहे हैं।
विधायक कुशवाह भी रहे हैं विवादों में
भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच अगस्त 2025 में एक गंभीर विवाद हुआ था। कुशवाह जिले में किसानों को हो रही खाद की किल्लत को लेकर कलेक्टर के बंगले के बाहर धरने पर बैठे थे। जब तत्कालीन कलेक्टर चर्चा के लिए बाहर आए, तो दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान विधायक ने कलेक्टर पर मुक्का (घूंसा) तान दिया और उन्हें कथित तौर पर अपशब्द कहे। बहस के दौरान कलेक्टर ने कहा कि वह रेत चोरी नहीं चलने देंगे, जिस पर विधायक ने कलेक्टर को ही चोर कह दिया था। इस व्यवहार के बाद भाजपा संगठन ने विधायक को भोपाल तलब किया और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। संगठन ने इस आचरण को पार्टी लाइन के विपरीत और अनुशासनहीनता माना था। कुशवाह का विवादों से पुराना नाता रहा है और उन पर पहले एक आईपीएस अधिकारी को थप्पड़ मारने के आरोप भी लग चुके हैं। मार्च 2012 में होली के दिन, भिंड के तत्कालीन एडिशनल एसपी और आईपीएस अधिकारी जयदेवन ए. अवैध शराब की बिक्री की सूचना पर लहार में छापेमारी करने गए थे। आरोप है कि वहां विधायक और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला किया, जिसमें विधायक ने आईपीएस अधिकारी को थप्पड़ मार दिया था। इस मामले में 2017 में एक स्थानीय अदालत ने विधायक और उनके बेटे को आरोपी बनाया था। जो अभी भी अदालत में चल रहा है।
