- निगम मंडलों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की सूची पर केन्द्रीय नेतृत्व की मुहर लगी

- गौरव चौहान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संकेत दे दिया है कि जल्द ही प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही कयासों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दावा किया जा रहा है कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। यही नहीं प्रदेश के वरिष्ठ नेतृत्व के बीच हुए मंथन से यह बात भी सामने आ रही है कि निगम-मंडलों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में भी महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। हालांकि निगम मंडलों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की सूची पर केन्द्रीय नेतृत्व की मुहर लग चुकी है, लेकिन कुछ पदों पर नाम बदले जा सकते हैं। ऐसा कर संदेश देना चाहता है कि नारी सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। वहीं मप्र में जब भी मंत्रिमण्डल में फेरबदल या विस्तार होगा, उसमें कुछ मौजूदा मंत्रियों का कद बढ़ाया जा सकता हैं। विस्तार होने पर एक दो महिला विधायकों को शपथ भी दिलाई जा सकती हैं।
गौरतलब है कि मप्र भाजपा की प्रदेश टीम घोषित हो चुकी है, लेकिन अभी तक कार्यसमिति का गठन नहीं किया गया है। जबकि अगले माह ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक करने का निर्णय हो चुका है। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व को बैठक से पहले अपनी कार्यसमिति की घोषणा करनी होगी। मप्र विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संकल्प पारित होने के बाद मप्र भाजपा अब संगठन में महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। पार्टी प्रदेश कार्यसमिति में 33 प्रतिशत महिलाओं को सदस्य बना सकती है। इसके लिए पिछले दो दिनों से कार्यसमिति सदस्य बनाने महिलाओं की सूची तैयार की जा रही है। पार्टी से जुड़े जानकारी का कहना है कि मई के प्रथम सप्ताह में पार्टी की राष्ट्रीय टीम की घोषणा हो जाएगी, जिसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की पहली कार्यसमिति की बैठक भी आहुत होगी। इसके बाद मप्र कार्यसमिति की बैठक बुलाई जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि राष्ट्रीय टीम की घोषणा से पहले मप्र भाजपा कार्यसमिति का ऐलान कर दिया जाएगा।
संगठन से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि पार्टी मप्र में ये संदेश देना चाहती है कि भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है, इसलिए संगठन के भीतर महिलाओं की भागेदारी बढ़ाने नई रणनीति अपनाई जा रही है। यह क्रम जिला और मंडल स्तर तक जारी रहेगा।
मप्र में मिल रहे आरक्षण की होगी ब्रांडिंग
इसी तरह प्रदेश भाजपा ने महिला आरक्षण के विषय पर कांग्रेस को बेनकाब करने के लिए अलग से रणनीति तैयार की है। पार्टी के निकायों और पंचायती क्षेत्रों में प्रचार के दौरान जनता को यह बताएंगे कि उनके दल ने पिछले चुनावों को दौरान महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टर व अन्य माध्यमों से यह बताया जाएगा कि मौजूदा समय में राज्य की 313 जनपद पंचायतों में से 179 में महिलाएं अध्यक्ष है, इसी तरह प्रदेश की आधी जिला पंचायतों की भी महिलाओं के हाथों में कमान है। पंच सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य भी महिलाएं हैं। इसी तरह लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लखपति दीदी, स्वयं सहायता समूहों सहित उन योजनाओं के बारे में भी ग्रामीण स्तर पर व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा, जो महिलाओं के लिए संचालित की जा रही हैं।
निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर चर्चा
प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने प्रदेश कार्यसमिति सहित दूसरे संगठनात्मक निर्णयों को लेकर बंद कमरे में मंत्रणा की। दोनों नेता खंडेलवाल के निवास पर तकरीबन अकेले में इन विषयों पर मंथन करते रहे। इससे पहले प्रदेशाध्यक्ष ने सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके निवास पर भेंट की थी। ऐसा माना जा रहा है कि इस मुलाकात में निगम-मंडलों की नियुक्ति को लेकर चर्चा की गई है। इसमें सबसे अहम मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की अटकी सूची पर चर्चा हुई है। इस पर महिला और बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्षों व सदस्यों के नामों की जल्द घोषणा करने पर सहमति बनने की खबर सामने आ रही है। सरकार के वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार को पार्टी कार्यालय बुलाया। यहां से अहिरवार अपना वाहन छोड़कर प्रदेशाध्यक्ष के साथ रवाना हुए। उनके साथ प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरुआ भी मौजूद रहे। सूत्रों की माने तो ये सभी नेता क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के निवास पहुंचे थे, जहां उनकी बुंदेलखण्ड से जुड़े विषय पर चर्चा हुई है। इसमें बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के अलावा दूसरे विषय चर्चा के बताए जा रहे हैं।
