इस साल मई के महीने में 15 हजार मेगावॉट तक पहुंची बिजली की मांग

बिजली की मांग
  • दस फीसदी अधिक खपत

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में इस साल पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब बिजली खपत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलिंग उपकरणों का उपयोग बढऩे से प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। मई 2025 और मई 2026 के बीच 1 मई से 23 मई तक के आंकड़ों की तुलना करें तो इस वर्ष औसत पीक डिमांड में लगभग 8 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल 23 मई तक प्रदेश की सबसे अधिक बिजली मांग 13,882 मेगावाट दर्ज की गई थी, जो 3 मई 2025 को रिकॉर्ड हुई थी। वहीं इस वर्ष बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर चुकी है। 19 मई 2026 को प्रदेश में अधिकतम 15,038 मेगावाट की पीक डिमांड दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8.3 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में इस बार गर्मी का असर पिछले साल की तुलना में अधिक रहा है। पिछले वर्ष मई माह में सबसे अधिक तापमान 46 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया था, जबकि इस बार प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। भोपाल में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। पिछले साल मई में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा था, जबकि इस वर्ष तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।
दोपहर और शाम को बिजली खपत ज्यादा
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेज गर्मी के चलते एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे और पानी के पंपों का उपयोग काफी बढ़ गया है, खासकर दोपहर और शाम के समय बिजली की खपत अधिक हो रही है। हालांकि बढ़ती मांग के बावजूद प्रदेश में फिलहाल बिजली संकट की स्थिति नहीं है और ग्रिड अतिरिक्त लोड को संभालने में सक्षम है।

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