
- भोपाल सहित 12 जिलों में कहीं 17 तो कहीं 14 प्रतिशत ही काम हुआ
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में 2 अक्टूबर 2024 से शुरू हुए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 11,377 गांवों में 18.58 लाख परिवारों के लिए पक्का घर, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं लक्षित हैं, लेकिन शुरुआती चरण में क्रियान्वयन की गति सुस्त होने के कारण लक्ष्य प्राप्ति में चुनौतियां बनी हुई हैं। इस कारण मप्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान बनाने के मामले में 12 जिले पिछड़ गए हैं, जिसके कारण इन्हें प्रगति की रैंकिंग से बाहर कर दिया गया है। राज्य स्तर पर चल रहे आवास निर्माण के काम में ये जिले धीमी गति और प्रशासनिक शिथिलता के कारण लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहे हैं।
जानकारी के अनुसार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 12 जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) बनाने की अब तक की स्थिति लक्ष्य के अनुरूप नहीं हैं। इसके चलते जिलेवार प्रगति रिपोर्ट की रैंकिंग से ये जिले बाहर कर दिए गए। इनमें उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, भिंड प्रमुख हैं। इन सहित 12 जिलों में कहीं 17 प्रतिशत तो कहीं 14 प्रतिशत ही काम हुआ। इन जिलों की रैंकिंग 50 प्रतिशत से भी कम है। धरती आबा अभियान के अंतर्गत 2.83 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे, इनमें से केवल 85 हजार आवास यानी 30.10 प्रतिशत ही पूर्ण हुए। 1.98 लाख आवास अब भी अपूर्ण है। रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन में 40 प्रतिशत तो विदिशा में 14.71 प्रतिशत काम हुआ। ग्वालियर, भिंड में 50-50 प्रतिशत और भोपाल में केवल 34.92 प्रतिशत ही काम हो पाया। हालांकि संभाग श्रेणी में जबलपुर, शहडोल और उज्जैन में बेहतर कार्य हुआ है।
2029 तक चलेगी पांच वर्षीय योजना
गौरतलब है कि पिछले माह मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागवार समीक्षा बैठक में इस अभियान अंतर्गत आवास निर्माण में देरी पर नाराजगी जताई थी। इनमें जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत स्तर पर भी पीएम आवास निर्माण प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। उल्लेखनीय है कि 18 जिले प्रगति की रैंकिंग में रेड श्रेणी में हैं। इनमें झाबुआ 23.70, बैतूल 22.75, दमोह 22.33, शिवपुरी 22.08, नीमच 21.85, खंडवा 21.74, गुना 20.56, सीहोर 19.85, सतना 18.88, नरसिंहपुर 18.56, सीधी 18.85, उमरिया 16.25, सिंगरौली 16, 11. नर्मदापुरम 16.05, मऊगंज 14.73. सागर 13.94, मैहर और हरदा में पीएम आवास बनाने का 11.94 प्रतिशत ही काम हुआ है। मप्र में डीएजेजीयूए अंतर्गत विशेष रूप से जनजातीय बहुल गांवों में आवासहीन परिवारों के लिए पीएमएवाय जी के अंतर्गत आवास इस स्वीकृत किए गए हैं, जो दी अक्टूबर 2024 से शुरू होकर मार्च 2029 तक चलने वाली पांच वर्षीय योजना का हिस्सा हैं।
