
बिच्छू डॉट कॉम। रामनगरी की शाम अब और भी मनोहारी होने जा रही है। प्रभु श्रीराम की नगरी की पहचान बन चुकी मां सरयू की संध्या आरती अब रंग, अनुशासन और आध्यात्मिक सौंदर्य के नए स्वरूप में दिखाई देगी। आरती की परंपरा को अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए यहां पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। अब सप्ताह के प्रत्येक दिन पुजारी निर्धारित रंगों के वस्त्र धारण कर आरती संपन्न करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सौंदर्य का भी अद्भुत अनुभव होगा। संध्या होते ही जब सरयू तट पर दीपों की पंक्तियां जगमगाती हैं, घंटों और शंखनाद की ध्वनि गूंजती है, तब वहां उपस्थित हर मन श्रद्धा से भर उठता है। अब इस दिव्य दृश्य में एकरूप रंगों की छटा भी जुड़ जाएगी। सात बेदियों पर विराजमान पुजारी एक समान वेशभूषा में मां सरयू की आराधना करेंगे, तो आरती का स्वरूप और भी आकर्षक, अनुशासित और अलौकिक प्रतीत होगा।
