बिच्छू डॉट कॉम। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान अभियान में तैनात न्यायिक अधिकारियों के घेराव और उन्हें बंधक बनाए जाने के मामले में कड़ी निंदा की है। चुनावी राज्य की मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक वास्तविकताओं को एक असाधारण स्थिति स्थिति बताते हुए, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने पश्चिम बंगाल प्रशासन, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, उनकी ओर से बहस कर रहे वकील से कहा कि वे भले ही अमूर्त कानूनी सिद्धांतों पर बहस करें, लेकिन अदालत राज्य में चल रही व्यवहारिक वास्तविकताओं से अपनी आंखे नहीं फेर सकती। अदालत ने इस मामले की सुनवाई कल के लिए तय की है। अदालत ने केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही जांच के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित हस्तक्षेप को भी गलत ठहराया और कहा कि किसी राज्य की सीएम द्वारा किया गया यह कृत्य लोकतंत्र को खतरे में डालता है। यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा, जब कोई मौजूदा सीएम उस दफ्तर में घुस जाएगी, जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो।
23/04/2026
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