सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई पेमेंट पर 0.4 फीसदी चार्ज लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। 15 अक्टूबर से यह शुल्क 2000 रुपए से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर लागू होगा। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है कि इस नए नियम को लागू करने का आधार क्या है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की तीन जजों की बेंच ने वकील अंजन दत्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। वकील अंजन दत्ता ने जनहित याचिका में सवाल उठाया कि 2,000 रुपए की सीमा क्यों तय की गई। यूपीआई और रूपे कार्ड के लिए नियम अलग क्यों हैं। याचिका में इसे रद्द करने की मांग की गई थी। इधर, सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी के नाम और फूल-पत्ती चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद पर फैसला देने की समय-सीमा तय की। कोर्ट ने दोनों गुटों को एक महीने में अपनी दलीलें पूरी करने और इसके बाद चुनाव आयोग को तीन महीने में फैसला देने का निर्देश दिया। यानी पूरी प्रक्रिया 4 महीने में पूरी करनी होगी।
29/09/2026
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