
बिच्छू डॉट कॉम। भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमता को और अधिक मजबूत करने के लिए कोलकाता के जीआरएसई ने अत्याधुनिक अपतटीय गश्ती पोत श्रेयस का जलावतरण किया है। यह चार पोतों की शृंखला का तीसरा युद्धपोत है, जिसे रिकॉर्ड पांच महीने से भी कम समय में तैयार किया गया है। कोलकाता के राजाबगान डकयार्ड में आयोजित इस समारोह में भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी पत्नी रेयमान कोचर ने पारंपरिक तरीके से इस युद्धपोत का नामकरण और जलावतरण किया। श्रेयस पोत का मुख्य उपयोग भारतीय जलसीमा की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। समुद्री लूटेरों, घुसपैठियों और संदिग्ध जहाजों पर कड़ी नजर रखना और उनकी तलाशी लेना। तटीय और अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा करना। समुद्री डकैती विरोधी अभियानों को अंजाम देना। यह युद्धपोत लगभग 113 मीटर लंबा, 14.6 मीटर चौड़ा और इसका वजन करीब 3,000 टन है।
