सोच में बदलाव! 1,000 बेटों पर अब 919 से बढक़र 930 हुईं बेटियां

सोच में बदलाव

बिच्छू डॉट कॉम। देश में बेटियों के अस्तित्व को लेकर समाज की सोच में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रभाव पर आई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश में जन्म के समय लिंग अनुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2015-16 में जहां प्रति 1,000 लडक़ों पर 919 लड़कियों का जन्म होता था। वहीं अब यह आंकड़ा बढक़र 930 हो गया है। यानी हर 1,000 लडक़ों के जन्म पर औसतन 15 अतिरिक्त लड़कियों का जन्म हो रहा है। एविडेंस फ्रॉम इंडिया के अनुसार, सबसे सुखद बदलाव उन परिवारों में देखा गया है जिनकी पहली संतान बेटी थी। जिन परिवारों में पहली संतान बेटी थी, वहां दूसरी संतान भी बेटी होने की संभावना 3.7 से 5.3 फीसदी तक बढ़ी है। इसका अर्थ है कि ऐसे परिवारों में प्रति 1,000 जन्म पर 37 से 53 अतिरिक्त बेटियां जन्म ले रही हैं। दूसरी और उसके बाद की संतानों में लडक़ी के जन्म की संभावना में 2.1 फीसदी की वृद्धि हुई है। हालांकि, जिन परिवारों में पहली संतान बेटा था, वहां के रुख में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया।

Related Articles