
बिच्छू डॉट कॉम। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर जारी एक रिपोर्ट ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा और भोजन की बर्बादी की बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की है। एक तरफ जहां दुनिया भर में 64.5 करोड़ लोग भुखमरी और गंभीर कुपोषण से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हर साल 105 करोड़ टन भोजन कचरे में फेंका जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया का हर व्यक्ति औसतन सालाना 132 किलो खाना बर्बाद कर रहा है। देशों की तुलना करें तो मालदीव में स्थिति सबसे खराब है, जहां प्रति व्यक्ति बर्बादी का आंकड़ा सालाना 260 किलो है, जबकि स्पेन ने एक मिसाल कायम करते हुए इसे प्रति व्यक्ति 39 किलो पर सीमित रखा है। भोजन की बर्बादी में सबसे बड़ा योगदान हमारे घरों का है। कुल 105 करोड़ टन खाद्य अपशिष्ट में से 60 प्रतिशत (63.1 करोड़ टन) हिस्सा घरों से निकलता है, जबकि 28 प्रतिशत (29 करोड़ टन) खाद्य सेवाओं (होटल और रेस्तरां) और 12 प्रतिशत (13.1 करोड़ टन) खुदरा दुकानों से बर्बाद होता है। वहीं कुल उत्पादित भोजन का 13 फीसदी हिस्सा खेतों से दुकानों और बाजारों तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। मतलब 140 करोड़ हेक्टेयर जमीन पर उगाया गया भोजन किसी की भूख मिटाए बिना नष्ट हो जाता है।
