वैवाहिक विवादों में बच्चों को मोहरा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण

वैवाहिक विवादों

बिच्छू डॉट कॉम। विवाह टूटने के बाद आपसी रंजिश निकालने के लिए किस हद तक जाया जा सकता है, इसका एक दर्दनाक और चिंताजनक मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया है। कोर्ट ने हाल ही में वैवाहिक विवादों के चलते झूठे मुकदमों में ससुराल पक्ष के लोगों को फंसाए जाने और इस प्रक्रिया में मासूम बच्चों को एक-दूसरे के खिलाफ मोहरा बनाए जाने पर गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के रुख पर नाराजगी जताते हुए एक नाबालिग बच्चे की बुआ के खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले को खारिज कर दिया और कहा कि वैवाहिक विवादों में रिश्तेदारों को घसीटना और बच्चों का मोहरा बनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पूरा मामला एक कड़वे तलाक और बच्चों की कस्टडी की जंग से जुड़ा है। एक तलाकशुदा मां ने अपने ही नाबालिग बेटे की तरफ से उसकी बुआ (पिता की बहन) पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे।

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