कोटा में प्रसूताओं की मौत का मामला जांच में फेल निकला इंजेक्शन

कोटा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद दवाओं की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के लिए भेजे गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के सैंपल अमानक पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने अलर्ट जारी करते हुए प्रदेशभर में संबंधित बैच की बिक्री और उपयोग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि लैब जांच में सामने आया कि बाजार में सप्लाई किए जा रहे ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन तत्व ही मौजूद नहीं था। यह इंजेक्शन अमृतसर स्थित मे. जैक्सन लैबोरेट्रीज द्वारा निर्मित बताया गया है। विभाग ने संबंधित बैच को नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित किया है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोटा में जिन प्रसूताओं की मौत हुई, उन्हें यही इंजेक्शन लगाया गया था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार मृत प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी और मामले की जांच अभी जारी है। कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्ट-ऑपरेटिव गायनी वार्ड में हुई मौतों के बाद ड्रग विभाग ने एहतियातन अस्पताल और ड्रग स्टोर से 30 से अधिक दवाओं के सैंपल जांच के लिए लिए थे।

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