
भारत की खुदरा महंगाई अप्रैल में बढक़र 3.48 फीसदी हो गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40 प्रतिशत थी। मंगलवार को सरकार ने आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। यह तनाव लंबा चला तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। महंगाई बढऩे की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढऩा है। फूड इन्फ्लेशन अप्रैल में बढक़र 4.20 फीसदी पर पहुंच गई। मार्च में यह आंकड़ा 3.87 प्रतिशत था। शहरी महंगाई दर 3.11 से बढक़र 3.16 फीसदी पहुंच गई है। वहीं ग्रामीण महंगाई दर 3.63 से बढक़र 3.74 प्रतिशत पहुंच गई है। पिछले महीने, आरबीआई ने 2026-27 के लिए सीपीआई महंगाई दर 4.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था, जिसमें पहली तिमाही में यह 4 प्रतिशत रहने की उम्मीद थी। बैंक ने यह भी कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और संभावित अल नीनो स्थितियों के कारण ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।
