पहली बार एआई ने खुद डिजाइन किया नया वायरस

एआई

बिच्छू डॉट कॉम। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने विज्ञान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की टीम ने एआई का इस्तेमाल करके बिल्कुल नए वायरल डिजाइन तैयार किए हैं, जो लैब के भीतर अपनी कॉपी बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं। यह पहली बार है जब जेनरेटिव एआई का उपयोग करके किसी पूरे जीनोम को सफलतापूर्वक डिजाइन किया गया है। शोधकर्ताओं ने इस रिसर्च के लिए ईवीओ-1 और ईवीओ-2 नाम के दो एआई मॉडल विकसित किए हैं। ये मॉडल चैटजीपीटी की तरह ही कार्य करते हैं, लेकिन शब्दों के स्थान पर जीवन के मूल आधार यानी डीएनए सीक्वेंस का अनुमान लगाते हैं। एआई को वायरस, बैक्टीरिया, पौधों और इंसानों के जेनेटिक कोड पर ट्रेन किया गया और फिर इसे बैक्टीरियोफेज बनाने के लिए रिफाइन किया गया। बैक्टीरियोफेज ऐसे वायरस होते हैं जो केवल खास बैक्टीरिया को संक्रमित कर उन्हें नष्ट करते हैं, इनसे इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। स्टैनफोर्ड की टीम ने एआई द्वारा तैयार 302 सबसे बेहतरीन डिजाइनों को चुना और उन्हें लैब में बनाया। इनमें से 16 बैक्टीरियोफेज खतरनाक ई. कोलाई बैक्टीरिया को खत्म करने में पूरी तरह सफल रहे।

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