बिच्छू डॉट कॉम। विभिन्न न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों के चयन के लिए एक आयोग गठित करने वाला विधेयक अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। न्यायाधिकरण सुधार विधेयक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति तथा उनकी दक्षता बढ़ाना, स्वतंत्रता सुनिश्चित करना, पारदर्शिता लाना और एकरूपता कायम करना है। इस विधेयक में राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का भी प्रस्ताव किया गया है। इस आयोग का मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी में होगा। आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होंगे। इनमें दो न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य होंगे। प्रस्तावित आयोग का अध्यक्ष बनने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश पात्र होंगे। लोकसभा सदस्यों को वितरित किए गए मसौदे में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल में न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम, 2021 के कुछ प्रावधानों को निरस्त कर दिया था।
10/08/2026
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