बिच्छू डॉट कॉम। उत्तर प्रदेश में सत्ता विरोधी रुझान को मात देकर जीत की हैट्रिक बनाने के लिए भाजपा ने टिकट वितरण को लेकर आक्रामक रणनीति तैयार की है। पार्टी इस बार सफल गुजरात फॉर्मूले को प्रदेश में सख्ती से लागू करने जा रही है, जिसके तहत मौजूदा विधायकों के टिकट काटने के मामले में और अधिक कंजूसी यानी सख्ती बरती जाएगी। आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पिछले चुनाव के मुकाबले और कड़ा रुख अपनाने का मन बनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में जहां लगभग 32 फीसदी विधायकों के टिकट काटे गए थे। वहीं इस बार 40 प्रतिशत से अधिक मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना जताई जा रही है। राज्य की चुनावी रणनीतिक टीम से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य के अनुसार, पार्टी ने लोकसभा चुनाव की कमियों और गलतियों से सबक लिया है। आंतरिक सर्वे में कुल 124 विधायकों की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई है। इनमें से करीब 40 प्रतिशत विधायक ऐसे हैं जो कम से कम दो या उससे अधिक बार चुनाव जीत चुके हैं। खराब रिपोर्ट वाले विधायकों को दोबारा मैदान में उतारना पार्टी के लिए मुश्किल होगा।
12/10/2026
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