मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे की मंगलवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 11वें दिन तबीयत बिगड़ गई। उनका ब्लड शुगर स्तर काफी कम हो गया, जिसके बाद वह आईवी फ्लूइड लेने को राजी हो गए। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आंदोलन कर रहे जरांगे ने करीब रात 2:30 बजे इलाज कराने पर सहमति जताई। जरांगे ने महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत और विधायक प्रसाद लाड से फोन पर हुई बातचीत के बाद यह कदम उठाया। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने जरांगे को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मंगलवार से उनकी मांगों पर काम शुरू करेगी और उन्हें पूरा करने के लिए कदम उठाएगी। जरांगे ने मराठाओं से 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की थी।
