बिप्लब देव बोले-नेताओं के फोटो नहीं, योजनाओं का प्रचार करें

  • भाजपा की बैठक में गुटबाजी पर सख्ती
  • गौरव चौहान
बिप्लब देव

मध्यप्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव बिप्लब कुमार देब ने अपने पहले संगठनात्मक दौरे में पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेताओं के दिखावे पर रोक लगाने का संदेश दिया। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि संगठन में कहीं मतभेद हैं तो उन्हें आपसी संवाद से दूर किया जाए और जो कार्यकर्ता या पदाधिकारी बात नहीं मानता है, उसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दी जाए। प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और मोर्चा अध्यक्षों की संयुक्त बैठक में देब ने कहा कि भाजपा अनुशासित संगठन है और कार्यकर्ताओं को सादगी पर जोर देना चाहिए। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने और बड़ी मालाएं पहनाने की परंपरा बंद करने की बात कही।
देब ने कहा कि पार्टी के होर्डिंग और प्रचार सामग्री में नेताओं के बड़े फोटो लगाने के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उनके कामों को प्रमुखता दी जानी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों को यह भी देखना होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी केवल योजनाओं का प्रचार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता करना भी जरूरी है कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।
पद मिलना और हटना सामान्य प्रक्रिया
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि संगठन में किसी को दायित्व मिलना या दायित्व से हटना सामान्य प्रक्रिया है। किसी भी बदलाव के बाद कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा न हो, इसके लिए पदाधिकारियों को लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शालीनता, अनुशासन और संवाद भाजपा की कार्यसंस्कृति का हिस्सा हैं। संगठन में नेतृत्व के बीच समन्वय और संवाद को और मजबूत किया जाएगा।
मतभेद के सवाल पर बोले- सामूहिक निर्णय की परंपरा
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में देब से भाजपा नेताओं के बीच मतभेद को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा परिवारवादी पार्टी नहीं है और संगठन में संवाद की परंपरा है। उन्होंने कहा कि पार्टी सामूहिक निर्णय में विश्वास करती है तथा संगठन में अनुभव, जिम्मेदारी और समर्पण को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों की बैठकों में संगठन को मजबूत करने और सरकार के साथ बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई है। संगठन और सरकार के बीच समन्वय मजबूत होने का लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
राहुल के बालाघाट दौरे पर कांग्रेस से जवाब मांगा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से जुड़े सवाल पर कांग्रेस के पुराने शासन का हवाला देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आदिवासी क्षेत्रों की मौजूदा समस्याओं के साथ अपने लंबे शासनकाल के दौरान किए गए कामों का भी जवाब देना चाहिए। खंडेलवाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास, शिक्षा, सडक़ और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस अपने कार्यकाल का हिसाब जनता के सामने रखे। उन्होंने बालाघाट क्षेत्र में नक्सलवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में नक्सलवाद खत्म हुआ है और विकास को गति मिली है।
जिला स्तर पर बैठकों और प्रवास पर जोर
खंडेलवाल ने जिला प्रभारियों को कोर कमेटी के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। इन बैठकों में सामने आने वाले सुझावों और मुद्दों को जिला प्रभारियों के माध्यम से संभाग प्रभारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक लगातार संवाद संगठन के भीतर समन्वय मजबूत करने का माध्यम है। प्रशिक्षण गतिविधियों को भी लगातार विस्तार दिया जा रहा है। बैठक को भाजपा की सह प्रभारी रेखा वर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने भी संबोधित किया।

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