सडक़ निर्माण में भ्रष्टाचार पर पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को हटाया

  • हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
हाईकोर्ट ने एजी ऑफिस पुल से विक्की फैक्ट्री तक की सडक़ निर्माण की गडबड़ी को लेकर पीडब्ल्यूडी ग्वालियर जोन के चीफ इंजीनियर (सीई) वीके अरख पर तत्काल प्रभाव से कार्य करने से रोक लगा दी है। राज्य सरकार को निर्देश दिए कि सुचारू संचालन के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करें। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। कोर्ट ने वीके अरख के पर अवमानना केस भी दर्ज किया है। कोर्ट ने साफ किया कि सडक़ों के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए तीन वकीलों का आयोग और एक तकनीकी टीम बनाई गई थी। कार्यपालन यंत्री (ईई) राकेश उपाध्याय कनीकी टीम के सदस्य थे। चीफ इंजीनियर अरख ने ईई उपाध्याय को 28 अक्टूबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसे कोर्ट की कार्यवाही में दखल और जांच टीम के सदस्य पर दबाव बनाने व आतंकित करने का प्रयास माना। कोर्ट ने चीफ इंजीनियर का ईई को जारी नोटिस रद्द कर दिया।
कोर्ट ने की टिप्पणी
कोर्ट ने टिप्पणी की, सडक़ें तय मानकों के अनुसार नहीं बनी थीं, फिर भी पूरा भुगतान कर दिया गया। जब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, ऐसे में रिकॉर्ड प्रभारी सब-इंजीनियर दीपक गुप्ता के घर रखना और जांच कर रहे अफसर को परेशान करना न्याय व्यवस्था के लिए घातक है। हाईकोर्ट की जांच में एजी ऑफिस पुल से विक्की फैक्ट्री रोड मानक पर फिट नहीं मिली। चीफ इंजीनियर के पेश जवाब से जांच पर भी सवाल।

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