- दिल्ली से आया अचानक बुलावा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
शिवधाम से राम धाम के नाम से उच्चैन से अयोध्या तक पदयात्रा कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को दीपावली पर 5 दिन का विश्राम देकर दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने अपनी यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा है कि यदि सुप्रीम कोर्ट भी हमारी बात नहीं सुनेगा तो देश में लोकतंत्र कैसे बचेगा? इसीलए वोट चोरी और राम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर वे यात्रा निकाल रहे हैं। बीते 16 दिनों में इस यात्रा से सोशल मीडिया पर 2 करोड़ 70 लाख व्यूअर्स जुड़ चुके हैं। यात्रा के विराम के दौरान शुक्रवार को मीडिया से चर्चा में दिग्विजय ने कहा कि यात्रा का पहला उद्देश्य लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा दूसरा राम मंदिर निर्माण के नाम पर एकत्र किए गए चंदे का हिसाब मांगना है।
आज सबसे बड़ी चिंता यह है कि देश में लोकतंत्र बचेगा या नहीं। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव आयोग जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट यदि हमारी बात ही नहीं मानेगा तो क्या लोकतंत्र बचेगा? चुनाव आयोग ने वोट का रजिस्ट्रेशन भी अपने हाथों में ले लिया है। हम इसको स्वीकार नहीं कर सकते हैं। मतदाता जिस उम्मीदवार को वोट देना चाहता है, उनका वोट उसी को मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। असली लड़ाई चुनाव के नतीजों को लेकर नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों से है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता को केवल सात सेकेंड के दर्शन की जगह वीवीपैट की पर्ची अपने हाथ में मिलनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में 70 लाख नाम पहले काटे गए, फिर जोड़ दिए गए।
दीवाली पर यात्रा को 5 दिन दिया गया विराम
यात्रा के दूसरे मुद्दे राम भक्त जागो, चंदे का हिसाब मांगो पर चर्चा करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से करीब 1400 से 1700 करोड़ रुपये चंदा एकत्र होने की जानकारी दी जा रही थी। लोगों ने अपनी आस्था से मंदिर को जोड़ते हुए चंदा व चढ़ावा दिया था। मगर रिटर्न में केवल 8.29 करोड़ रुपये की राशि दिखाई गई। विहिप से चंदे का हिसाब मांगने वाले पुजारी महंत बाबा लालदास की हत्या किसने की, आज तक स्पष्ट नहीं हो सका है। उज्जैन से 20 सितंबर को शुरू हुई सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा इन्हीं सवालों के जवाब मांगते हुए जनजागरण कर रही है। यात्रा को सोशल मीडिया पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। करोड़ों की संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। दीवाली पर 5 दिनी विराम के बाद यात्रा का दूसरा पड़ाव 11 अक्टूबर को राघोगढ़ से शुरू होगा। से पदयात्रा पुन: राघौगढ़ से शुरू होगी।
