
मप्र की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को निर्देश दिया है कि वे दल-बदल से जुड़ी याचिका पर नियमानुसार दो महीने में निर्णय लें। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया। दरअसल, निर्मला सप्रे ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर बीना सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव दौरान उनके भाजपा के साथ जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। निर्मला सप्रे 5 मई, 2024 को सागर जिले के राहतगढ़ में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गई थीं। कांग्रेस ने इसे संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन बताते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी।
