- कैबिनेट से मंजूरी की तैयारी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्यप्रदेश के होमगार्ड जवानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के 9110 जवानों को हर तीन साल में दो महीने बिना मानदेय के घर बैठाने वाला कॉल ऑफ नियम खत्म करने की तैयारी की जा रही है। इससे जवानों को साल के पूरे 12 महीने मानदेय मिल सकेगा। होमगार्ड मुख्यालय ने इस संबंध में प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है। गृह विभाग से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। हालांकि, नियम खत्म होने के लिए अंतिम सरकारी मंजूरी का इंतजार है।
सरकार पर सालाना 18.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
फिलहाल होमगार्ड जवानों को भत्तों सहित हर महीने 30,870 रुपये मिलते हैं। कॉल ऑफ नियम समाप्त होने पर सरकार पर सालाना करीब 18.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जवानों को साल के सभी 12 महीने मानदेय मिल सकेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट में पहुंचा था मामला
कॉल ऑफ व्यवस्था को लेकर होमगार्ड जवानों में लंबे समय से नाराजगी रही है। इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में 450 से अधिक याचिकाएं भी दायर की गई थीं। जवानों की मांग है कि उन्हें साल के सभी 12 महीने काम और मानदेय का लाभ मिले.डीजी होमगार्ड प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के मुताबिक, कॉल ऑफ नियम समाप्त करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की थी कॉल ऑफ नियम खत्म करने की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 मई 2025 को होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में कॉल ऑफ नियम खत्म करने की घोषणा की थी। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, जवानों को हर तीन साल में दो महीने के लिए ड्यूटी से हटा दिया जाता है। इस अवधि में उन्हें मानदेय नहीं मिलता, जिससे परिवार का खर्च चलाने में परेशानी होती है।
नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में 450 से ज्यादा याचिकाएं
कॉल ऑफ नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में 450 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई थीं। डीजी होमगार्ड प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के मुताबिक, इस नियम को समाप्त करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जा चुका है।
मध्य प्रदेश में 5020 होमगार्ड जवानों की भर्ती की तैयारी
मध्य प्रदेश में होमगार्ड के कुल 15,800 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 6,690 पद खाली बताए गए हैं। वर्ष 2009 के बाद से नियमित भर्ती नहीं हुई है। अब सरकार सिंहस्थ और आपातकालीन सेवाओं की जरूरत को देखते हुए 5,020 जवानों की भर्ती की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित भर्ती में से 488 जवानों को महाकाल मंदिर में तैनात किए जाने की योजना है। भर्ती पूरी होने से होमगार्ड बल की कमी दूर करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
