बोला- भागता नहीं तो अपराधी कैसे कहलाता

  • रिटायर्ड आईएएस हत्याकांड: पूछताछ में बेखौफ होकर जवाब दे रहा आरोपी…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार के पूछताछ के दौरान दिए गए बेखौफ बयानों ने पुलिस को भी चौंका दिया है। हमीदिया अस्पताल में उपचार करा रहे वरुण से रातीबड़ पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। उसकी मानसिकता और वारदात के पीछे की वजह समझने के लिए कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वरुण ने बेखौफ अंदाज में कहा, आईएएस एक ब्रांड है। उनका व्यवहार रूखा था, इसलिए मार दिया। जब अधिकारियों ने उससे पूछा कि गिरफ्तारी का अंदेशा होने के बावजूद वह फरार क्यों हुआ, तो उसने जवाब दिया, तुरंत पकड़ा जाता तो कोई मुझे जान नहीं पाता। भागता नहीं तो क्रिमिनल कैसे कहलाता? पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके जवाबों से पूर्व आईएएस अधिकारी के प्रति नाराजगी और लंबे समय से कुंठा होने की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के दौरान जुटाए जाने वाले साक्ष्यों से होगी।
पत्नी छोड़ गई, पिता ने कर ली तीसरी शादी, बोला- डर किस बात का: पुलिस के मुताबिक, वरुण ने पूछताछ में अपने पारिवारिक हालात का भी जिक्र किया। उसने बताया कि पत्नी उसे छोडक़र जा चुकी है और पिता अपनी जिंदगी में व्यस्त हैं। वरुण के अनुसार, उसके पिता ने तीसरी शादी कर ली है। उसने कहा, जब कोई अपना ही नहीं बचा, तो डर किस बात का।
पैर दबाते समय किए गए तानों से था नाराज
पूछताछ में वरुण ने बताया कि राकेश अग्रवाल का उसके प्रति व्यवहार ठीक नहीं था। उसका दावा है कि जब वह अग्रवाल के पैर दबाता था, तब वे कहते थे कि तुम्हारे हाथ तो महिलाओं जैसे हैं। वरुण के मुताबिक, ऐसी टिप्पणियों से उसे गुस्सा आता था। पुलिस को अग्रवाल के घरेलू स्टाफ से भी वरुण के गुस्सैल स्वभाव के बारे में जानकारी मिली है। बताया गया है कि वह पहले भी छोटी-छोटी बातों पर लोगों से विवाद और मारपीट कर चुका है।
अस्पताल से छुट्टी के बाद होगा क्राइम सीन रिक्रिएशन
राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद फरार हुए वरुण को पुलिस ने 35 दिन बाद आगरा से गिरफ्तार किया था। भोपाल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद से वह हमीदिया अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस ने सात दिन की रिमांड हासिल की। रातीबड़ पुलिस उसका मेमोरेंडम बयान भी दर्ज कर चुकी है। पुलिस का अनुमान है कि शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। जांच के अगले चरण में पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए सर्जिकल ब्लेड की बरामदगी का प्रयास करेगी। इसके अलावा घटनास्थल पर ले जाकर वारदात का क्राइम सीन रीक्रिएशन भी कराया जाएगा, ताकि घटना के क्रम और आरोपित की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

Related Articles