
- नर्मदा-माही परियोजना: करीब 72 हजार किसान होंगे लाभान्वित
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के धार जिले में 2387.60 करोड़ की लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। इस परियोजना से धार और झाबुआ जिलों के कुल 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। यही नहीं, 72 हजार किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 188 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 317.86 करोड़ की राशि सीधे 16.70 लाख किसानों के खातों में डाली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत नर्मदा नदी के जल को माही नदी में पहुंचाया जाएगा। इससे न केवल किसानों के सूखे खेतों को पर्याप्त पानी मिलेगा, बल्कि पेयजल और उद्योगों की जरूरतें भी पूरी होंगी। आधुनिक भूमिगत पाइप नहर प्रणाली के जरिए किसानों को खेतों तक दबावयुक्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्प्रिंकलर या ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाकर कम पानी में बंपर पैदावार ले सकेंगे। वहीं समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एलान किया कि धार को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी, जिससे इस अंचल का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा।
औद्योगिक निवेश बढ़ रहा
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है। धार जिले में कम बारिश के चलते माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना वरदान साबित होगी। जन-धन खातों से योजनाओं का पैसा सीधे मिलने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। साथ ही, उन्होंने धार के ग्रामीण क्षेत्रों में नए डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है।
असंभव भी आज संभव
धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का बड़ा संकल्प लिया है। इसी क्रम में माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के 72 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को तत्कालीन सरकार ने असंभव घोषित कर दिया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश भर के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निरंतर नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराकर जन-कल्याण सुनिश्चित कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के लोकार्पण से धार, झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर क्षेत्रों को सिंचाई के लिए मां नर्मदा का जल प्राप्त होगा।
कृषि और ग्रामीण विकास को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा-प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक सिंचित रकबा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जो पिछले ढाई वर्षों में बढक़र 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का है। डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए 25 पशु (गाय-भैंस) खरीदकर डेयरी शुरू करने पर 10 लाख का अनुदान देने की योजना भी शुरू की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा और ग्रामीण भाई-बहनों को संपत्ति के अधिकार के तहत 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्री देने का संकल्प भी लिया गया है।
रोजगार और औद्योगिक केंद्र बनेगा धार
धार जिले में विकास के नए आयाम जुड़ रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा धार में दिए गए पीएम मित्र पार्क से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। इस पार्क के माध्यम से कपास से धागा, धागा से कपड़ा और फिर रेडीमेड गारमेंट्स एक ही स्थान पर तैयार किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लगभग तीन लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर पलायन रुकेगा। इसके साथ ही, धार जिले के ऐतिहासिक अमका-झमका माता मंदिर (जहां भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुकमणि से विवाह किया था) को श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
