भोपाल में कई दुकानों-होटलों के खाद्य नमूने फेल

दुकानों-होटलों
  • पनीर से दूध तक अमानक, साढ़े छह लाख से ज्यादा जुर्माना

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। थाली में जहर अभियान को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। 35 प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने जांच में फेल हो गए हैं। इनमें होटल आमेर ग्रीन, सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कैंटीन सहित कई प्रतिष्ठानों के पनीर, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल है। इन सभी मामलों में खाद्य अधिकारी द्वारा एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है, इससे पहले के मामलों पर 6.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई डेयरियों, रेस्टोरेंट्स और किराना दुकानों से संकलित खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अवमानक एवं मिथ्या छाप  पाए गए है। इसके अलावा, सोयाबीन तेल के दो मामलों में प्रतिबंध संबंधी तथ्य भी सामने आए हैं। अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल द्वारा 35 से अधिक प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है।
इन प्रतिष्ठानों के नमूने मिले अमानक और प्रतिबंधित
कृष्णा डेयरी, प्रकृति ईडन, बावडिय़ा कला, भोपाल- पनीर रानी स्वीट, राजोरा फार्महाउस, खजूरी कला रोड, पिपलानी – मावा कतली नेशनल डेयरी, नूर महल रोड, भोपाल क्रीम जीत ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट, मेन रोड, खजूरी सडक़ श्री रेजिडेंसी, चूना शंभू रेस्टोरेंट, दमखेड़ा, अयोध्या बायपास रोड- पैभीर गोस्वामी पनीर होटल भट्टी पनीर शिव किराना स्टोर, न्यू बाग मुगलिखा, भोपाल -रिफाइंड सोयाबीन तेल श्री अरिहंत किराना स्टोर, पटेल मार्केट के सामने, भानपुर – सोयाबीन तेल गुप्ता पान मसाला स्टोर, जहांगीराबाद – मूंगफली दाना होटल प्लाजा इन रेस्टोरेंट, एयरपोर्ट – पनीर रिम मक्स लॉज, दानिश कुंज, भोपाल- पनीर कृष्णा दूध डेयरी, विशाल नगर, नीलबड़, भोपाल- पनीर एवं गाय का दूध तन्वी एंटरप्राइजेज।
यूनिवर्सल ट्रांसपोर्ट के पास नहीं मिला लाइसेंस
खाद्य सुरक्षा की टीम ने शुक्रवार को जैन भवन मंगलवारा बाजार स्थित यूनिवर्सल ट्रांसपोर्ट का निरीक्षण किया। इन्होंने टीम को खाद्य सुरक्षा का लाइसेंस नहीं बताया, जिससे विभाग ने इनका प्रकरण बनाकर कोर्ट में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की। ट्रांसपोर्ट विभिन्न होलसेलर व कंपनियों की पैक्ड खाद्य सामग्री को रोजाना भोपाल, सीहोर, इंदौर व अन्य शहरों में परिवहन करते हैं, ऐसे में इन्हें खाद्य सुरक्षा का लाइसेंस लेने की जरूरत है।

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