
- एक साल में 44 फीसदी बढ़ी बिजली की मांग
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश के 20 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना 10 से 12 घंटे की अघोषित बिजली कटौती से परेशानी बढ़ गई है। इसे लेकर गांवों- कस्बों में धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। गांवों में अंधेरा होने से ग्रामीण परेशान हैं। इस समय नवरात्रि पर्व चल रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि कटौती केवल गांवों में ही क्यों? शहरी क्षेत्रों में कटौती क्यों नहीं की जा रही है? बिजली कंपनी के पास इसका कोई जवाब नहीं है। इस बीच 12 जिलों के प्रभारी मंत्री भी विरोध में आए। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश है कि बिजली की कटौती कही भी ना हो, चूंकि इस समय नवरात्र चल रहा रहा है। इसलिए पर्याप्त बिजली दें। वही बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में इस माह बिजली की अधिकतम मांग पिछले साल के मुकाबले करीब 44 प्रतिशत बढक़र 17,124 मेगावाट पहुंच गई है। इस तरह रबी फसलों की बुवाई, पलेवा और धान की सिंचाई के कारण कृषि क्षेत्र की मांग 1,752 मेगावाट से बढक़र 3,701 मेगावाट हो गई है।
किसान संघ का सरकार को अल्टीमेटम
मध्यप्रदेश में बिजली कटौती, खाद-बीज की कमी, सूखे जैसे हालात और फसलों की खरीदी को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को दशहरे तक का अल्टीमेटम दिया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण करे, नहीं तो संघ बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि संघ बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान चाहता है, लेकिन मुख्यमंत्री से चर्चा के लिए लगातार संपर्क करने के बावजूद अब तक जवाब नहीं मिला है। आंजना ने कहा कि दीपावली नजदीक है, लेकिन किसान बिजली, पानी, खाद और बीज के लिए परेशान हैं। गांवों में अघोषित बिजली कटौती हो रही है। रात 10:30 बजे बिजली काट दी जाती है, जबकि यह लोगों के सोने का समय होता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों और परिवारों को परेशानी हो रही है।
अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी
मध्यप्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग और उत्पादन के बीच बढ़ते फासले को रोकने और किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए अन्य राज्यों से लगभग चार हजार मेगावाट बिजली खरीदने की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रदेश को अगले सप्ताह से 3,000 से 4,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो जाएगी। इससे मौजूदा बिजली की कमी को दूर करने में मदद मिलने की संभावना है। बिजली कंटौती रोकने को लेकर लगभग 12 से अधिक जिलों के जनप्रतिधियों ने कंपनी को पत्र लिखे हैं। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने अतिरिक्त बिजली खरीदने का निर्णय लिया गया है। इससे कटौती से राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में बिजली की मांग पिछले साल की तुलना में करीब 5000 मेगावाट बढ़ गई है। कम बिजली उत्पादन के कारण हो रही कटौती से ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी हमें पत्र लिखा है। इसे देखते हुए हमने कंपनी को लगभग चार हजार मोगावाट अतिरिक्त बिजली खरीदने को कहा है। इसके मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती में राहत मिलेगी।
इन 20 जिलों में हो रही कटौती…
भारतीय किसान संघ के प्रवेषता राहुल धूत के अनुसार भोपाल जिले में राजधानी समेत ईटखेड़ी फीडर के करीब 35 गांवों में 3 से 4 घंटे समेत अन्य जिले सीहोर, आष्टा, जावरा, इछावर, बुधनी और सीहोर जिले में शाम 6 से रात्रि 2-3 बजे तक, नीमच के ग्राम कनावटी, जाट लहरिया, दौलतपुरा आदि और मंदसौर शहर, सीतामउ, सुवासरा, दलौदा, गरोठ, मल्हारगढ़, राजगढ़, दमोह, बड़वानी, धार, झाबुआ, खंडवा, आगर मालवा, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, बैतूल, विदिशा, हरदा, रायसेन, अशोकनगर और भिंड जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में 2 से 10 घंटे तक के अघोषित कटौती से परेशान हैं।
