एमपी के12 आयुर्वेद कॉलेजों में एडमिशन पर लगी रोक

एडमिशन पर लगी रोक
  • बीएएमएस की 950 सीटों पर संकट, एनसीआईएसएम से नहीं मिली हरी झंडी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश के 12 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीएएमएस में प्रवेश का रास्ता बंद हो गया है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने इन कॉलेजों को नए सत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। इससे इन संस्थानों की 950 सीटों पर प्रवेश प्रभावित होगा। एनसीआईएसएम ने बताया कि निरीक्षण में सामने आया कि कॉलेजों ने निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया था। कई कॉलेजों ने निरीक्षण की सहमति तक नहीं दी। च्यादातर कॉलेजों में ओपीडी आईपीडी की संख्या कम मिली। टीचिंग, नॉन टीचिंग और हॉस्पिटल स्टाफ की भारी कमी थी। स्टाफ नियमित काम नहीं कर रहा था। कॉलेज और संबद्ध अस्पताल की कार्यप्रणाली में भी अंतर पाया गया। इस बारे में आयुष संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि एनसीआईएसएम की सूची प्राप्त हुई है। प्रदेश के जिन 12 कॉलेजों को अनुमति नहीं मिली है काउंसलिंग में उनको शामिल नहीं किया जाएगा। छात्र इन्हीं 494 मान्यता प्राप्त कॉलेजों की सूची देखकर विकल्प भरें। वहीं आयुष मेडिकल ऑफीसर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. राकेश पांडे का कहना है कि आयुष मंत्रालय और आयोग द्वारा मानकों का सख्ती से पालन कराना सही कदम है। प्रदेश में काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों की मान्यता पर अंतिम फैसला आ जाएगा।
आयुष काउंसलिंग का तीसरा चरण 14 से
मध्य प्रदेश संचालनालय आयुष द्वारा बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस एवं बीएनवाईएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राच्य कोटा तृतीय चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। छात्र ऑनलाइन पंजीयन 14 से 16 अक्टूबर, रिक्त सीटों एवं मेरिट सूची का प्रकाशन 21 अक्टूबर, च्वाइस फिलिंग एवं लॉकिंग, 28-30 अक्टूबर, सीट आवंटन 3 नवंबर और महाविद्यालय में प्रवेश के लिए 4 से 6 नवंबर तिथि निर्धारित की गई है। नीमा स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि तृतीय चरण की काउंसलिंग 14 अक्टूबर से शुरू होकर छह नवंबर तक आयोजित होगी। संचालनालय आयुष ने विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर दिया है। डॉ भदौरिया ने कहा कि पात्र अभ्यार्थी इस अवसर का लाभ उठाते हुए समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें।
सबसे ज्यादा भोपाल के 6 कॉलेज
– राजीव गांधी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल- 50 सीटें
– वीणावादिनी आयुर्वेद कॉलेज एंड हॉस्पिटल – 60 सीटें
– पराशर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल – 60 सीटें
– डॉ. शंकर दयाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल – 60 सीटें
– आईईएस यूनिवर्सिटी के आयुर्वेद विभाग – 60 सीटें
– राधारमण आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज रिसर्च हॉस्पिटल-100 सीटें
अन्य जिलों के 5 कॉलेज शामिल
– बैतूल: ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज – 60 सीटें
– रायसेन: सैम कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइंसेज- 100 सीटें
– सीहोर: फैकल्टी ऑफ आयुर्वेद- 100 सीटें
– सीहोर: स्कूल ऑफ आयुर्वेद एंड सिद्धा स्टडीज 100 सीटें
– बालाघाट: सरदार पटेल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज 100 सीटें
– देवास: अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद

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