शैक्षणिक संस्थाओं में आत्महत्याओं पर बनेगी टास्क फोर्स

शैक्षणिक संस्थाओं
  • हर कालेज से घटनाओं का रिकॉर्ड मंगा रहा उच्च शिक्षा विभाग

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। शैक्षणिक संस्थाओं में छात्र-छात्राओं की बढ़ती आत्महत्याओं की घटनाओं को असर अब प्रदेश के हर कालेज और कोचिंग सेंटर में नजर आएगा। प्रदेश स्तर पर एसटीएफ यानी स्टेट टास्क फोर्स बनाई जाएगी।
कलेक्टर की निगरानी में जिलों में भी मॉनीटरिंग कमेटी काम करेगी। मगर सुप्रीम कोर्ट की चिंता को दूर करने में अहम भूमिका कालेज प्रबंधन और प्रोफेसर ही निभाएंगे। कालेजों में खुले मनोबल केंद्र हर अवसाद में घिर रहे हर छात्र पर नजर रखेंगे तो प्रोफेसर और काउंसलर्स छात्रों को गलत कदम उठाने से बचाएंगे। असल में सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थाओं में छात्रों की आत्मघात की घटनाओं पर चिंता जताते हुए 25 जुलाई 2025 को सुनाए अपने फैसले में यूनिफार्म मेंटल हेल्थ पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए थे। मध्यप्रदेश सरकार ने इस दिशा में तेजी से काम करते हुए स्पंदन 2026 लागू कर दी है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण है।
स्पंदन के तहत राच्य से लेकर कालेज स्तर तक की भूमिका तय की गई है। छात्रों की मॉनीटरिंग से लेकर कांउसलिंग तक की जिम्मेदारी के लिए प्रत्येक कालेज और कोचिंग में मनोबल केंद्र के नाम से हेल्थ एंड वैलनेस सेल स्थापित किए जाएंगे। कॉलेज के ही एक प्रोफेसर को इसका प्रभारी बनाया जाएगा। इस सेल के लिए अलग से कमरे और हॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक छात्र पर नजर रखने के लिए कॉलेज के सभी कक्षों और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस सेंटर को ऐसे स्थानों पर बनाया जाएगा, जहां सभी छात्र आसानी से और गोपनीय तरीके से पहुंच सकें। इस केंद्र में नोडल अधिकारी और काउंसलर्स संबंधित छात्र से चर्चा करने के साथ ही उसे परामर्श देकर किसी भी अनहोनी से बचाने का काम करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने नोडल अधिकारी, मनोबल केंद्र और काउंसलर्स के संबंध में भी विस्तार से दिशा निर्देश जारी किए हैं। इस सेंटर से जुड़े प्रोफेसर हर छात्र की गतिविधि पर नजर रखेंगे। यदि किसी छात्र में कोई ऐसे बदलाव देखते हैं तो उसकी काउंसलिंग की व्यवस्था करेंगे। उसे अवसाद से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग करेंगे। साथ ही इस केंद्र द्वारा लगातार गतिविधियां संचालित कर छात्रों को जागरूक बनाएंगे।
हर कालेज की घटनाओं पर नजर
यूनिफार्म मेंटल हेल्थ पॉलिसी के तहत हर कालेज में मनोबल केंद्र जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश विभाग ने दिए हैं। इसके साथ ही अब विभागीय अधिकारी लगातार छात्रों की आत्महत्या से जुड़ी प्रत्येक घटना पर नजर रख रहे हैं। विभागीय समीक्षा बैठकों में भी ऐसे मामलों की जानकारी मांगी जा रही है। दो दिन बाद एनआईसी के जरिए विभागीय समीक्षा बैठकों में भी सभी कालेज प्राचार्यों से छात्रों की आत्महत्या व आत्मघाती कदमों का रिकॉर्ड तलब किया गया है।
क्या है स्पंदन
योजना स्पंदन 2026 का नामकरण अंग्रेजी के शब्दों एसपीएएनडीएएन से किया गया है। जिसका अर्थ- विद्यार्थी विकास, जागरूकता और मनोवैज्ञानिक भलाई के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता और देखभाल (स्टूडेंट सॉयकोलॉजी असिस्टेंस एंड नरचरिंग फॉर डवलपमेंट, अवेयरनेस एंड नेविगेटिंग सायकोलॉजिकल वैलबिंग) है।

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