केन-बेतवा से पन्ना टाइगर रिजर्व का बड़ा भाग प्रभावित होगा

केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर दाखिल जनहित याचिका को मप्र हाईकोर्ट ने संजीदगी से लिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस परियोजना से पन्ना टाइगर रिजर्व का एक बड़ा भाग प्रभावित होगा। इतना ही नहीं, वहां 60 लाख से अधिक पेड़ भी काटे जाएंगे। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। जबलपुर के अधिवक्ता अरिहंत तिवारी की ओर से दाखिल इस याचिका में 2014 में केंद्र से मंजूरी पाने वाली इस परियोजना पर सवाल उठाए गए हैं। परियोजना के विरोध में छतरपुर जिले में आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। पुलिस और प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने, राशन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रोकने तथा गांवों में आवाजाही प्रतिबंधित करने के गंभीर आरोप भी याचिका में लगाए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन और राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा हाजिर हुए। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को सीईसी की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।


Related Articles