
- प्रभारियों को 30 दिन का टारगेट …
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने करीब दो साल पहले से संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी अब प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर संगठन की जमीनी स्थिति को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत विधानसभा प्रभारियों के लिए इंटरनल गाइडलाइन और उनकी जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। कांग्रेस की योजना अब केवल भोपाल में होने वाली बैठकों तक सीमित रहने के बजाय बूथ, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की है। विधानसभा प्रभारियों को अगले 30 दिनों में अपनी-अपनी विधानसभा का पूरा संगठन खंगालने का टारगेट दिया जा रहा है।
प्रभारियों को मिला 30 दिन का टारगेट: कांग्रेस की आंतरिक योजना के मुताबिक विधानसभा प्रभारियों को अगले 30 दिनों में अपने-अपने क्षेत्र की संगठनात्मक स्थिति की विस्तृत जानकारी जुटानी होगी। इसमें बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं, संगठन की गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर पार्टी की स्थिति का आकलन शामिल होगा। प्रभारियों को यह भी पता लगाना होगा कि कौन से बूथ सक्रिय हैं और किन बूथों पर संगठन को दोबारा मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा ब्लॉक और पंचायत स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क की स्थिति भी जांची जाएगी।
भोपाल की बैठकों से निकलकर जमीन पर पहुंचेगी कांग्रेस: पार्टी की रणनीति में सबसे बड़ा बदलाव यह बताया जा रहा है कि संगठन की समीक्षा केवल राजधानी भोपाल में बैठकर बैठकों के जरिए नहीं की जाएगी। विधानसभा प्रभारियों को जमीनी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति समझने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत बूथ, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जाएगा। स्थानीय संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनावी तैयारियों से जुड़े जरूरी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जाएगी।
230 विधानसभा सीटों के लिए नया प्लान
कांग्रेस ने 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की सभी 230 सीटों के लिए संगठनात्मक स्तर पर नया प्लान तैयार किया है। पार्टी का फोकस इस बात पर है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन की जमीनी स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आए। इसके लिए विधानसभा प्रभारियों को अपनी जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में बूथ से लेकर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक पहुंचने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पार्टी यह जानने की कोशिश करेगी कि किन क्षेत्रों में संगठन सक्रिय रूप से काम कर रहा है और कहां संगठनात्मक ढांचा केवल कागजों तक सीमित है।
30 दिन बाद प्रदेश कांग्रेस को देनी होगी रिपोर्ट
विधानसभा प्रभारियों के 30 दिन के काम की अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट सीधे प्रदेश कांग्रेस को सौंपे जाने की योजना है। रिपोर्ट के आधार पर पार्टी को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन की स्थिति और कमजोर क्षेत्रों की जानकारी मिल सकेगी। इस प्रक्रिया के जरिए कांग्रेस यह पहचानने की कोशिश करेगी कि किन विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है और किन क्षेत्रों में मौजूदा संगठनात्मक ढांचे को और सक्रिय किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2028 में प्रस्तावित है। कांग्रेस की मौजूदा रणनीति से संकेत मिलता है कि पार्टी चुनाव से काफी पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दे रही है। 230 विधानसभा क्षेत्रों की जमीनी रिपोर्ट तैयार होने के बाद पार्टी के सामने प्रत्येक क्षेत्र की संगठनात्मक स्थिति का एक व्यापक आकलन होगा। इसके आधार पर आगे की चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को लेकर फैसले लिए जा सकते हैं।
