नौरादेही पहला ऐसा टाइगर रिजर्व, जहां चीते, बाघ, तेंदुए होंगे एक साथ

कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर सेंक्चुरी के बाद नौरादेही (वीरांगना रानी दुर्गावती) टाइगर रिजर्व अब चीतों का प्रदेश में तीसरा ठिकाना बनने जा रहा है। इसके साथ ही नौरादेही देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है, जहां चीता, बाघ और तेंदुआ तीनों प्रजातियां एक साथ मौजूद होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को यहां नर चीता थोलो और मादा चीता सीसीबी-3 को रिलीज करेंगे। सीसीबी-3, गांधी सागर में छोड़ी गई मादा चीता राधा की बहन है। नौरादेही टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश सिंह बेस के अनुसार कूनो में चीते और तेंदुए हैं, जबकि बाघ स्थायी रूप से नहीं पाए जाते। गांधी सागर में भी चीते और तेंदुए हैं, लेकिन बाघ नहीं हैं। नौरादेही में तीनों प्रजातियों की मौजूदगी इसे अलग पहचान देगी। चीता स्टीयरिंग कमेटी ने नौरादेही में चार चीतों को बसाने की मंजूरी दी है। फिलहाल दो चीतों से शुरुआत की जा रही है। दोनों को सुरक्षा की दृष्टि से पहले सॉफ्ट रिलीज बोमा में प्रारंभिक रुप से रखा जाएगा। इसका क्षेत्रफल लगभग भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के बराबर है।

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