दादा की जगह पोता भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार: एमपी हाईकोर्ट

दादा-दादी की मृत्यु पर उनकी जगह पोता भी अनुकंपा नियुक्ति पा सकता। उस पर नियमों के तहत निकट संबंधी के रूप में अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किया जा सकता है। ये बात पिछले दिनों आए सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है, जिसमें रेलवे को मृत कर्मचारी के पोते को अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार और रेलवे की याचिका खारिज कर दी है और पोते को अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश को बरकरार रखा है। ये आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा व विजय बिश्नोई की पीठ ने 28 सितंबर को दिया है। हालांकि जानकारी रविवार को सामने आई। कोर्ट ने केंद्र सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई उचित आधार नजर नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट के याचिका खारिज करने से हाई कोर्ट का 25 फरवरी 2026 का फैसला बरकरार है जिसमें पोते को अनुकंपा नियुक्ति देने पर विचार करने का आदेश दिया गया था।  

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