जंगल बचाने के लिए 30 हजार हेक्टेयर में पेड़ काटे जाएंगे

जंगल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। साल के जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे बोरर कीट के प्रकोप से निपटने के लिए वन विभाग अब बड़े पैमाने पर संक्रमित पेड़ों की कटाई करेगा। मंडला और डिंडौरी के करीब 30 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र में अभियान चलाकर लगभग 1.50 लाख संक्रमित पेड़ों को काटकर हटाया जाएगा। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। विभाग का कहना है कि यह कदम पूरे जंगल को काटने के लिए नहीं, बल्कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित पेड़ों को हटाने तक सीमित रहेगा। 1997 के बाद यह पहला बड़ा अभियान माना जा रहा है, जब इतने बड़े क्षेत्र में साल के संक्रमित पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग के अनुसार संक्रमण बढऩे की स्थिति में कीट स्वस्थ पेड़ों तक पहुंच सकता है, इसलिए प्रभावित पेड़ों को समय रहते हटाना जरूरी है।
कटाई की पूरी प्रक्रिया मंडला और डिंडौरी वन वृत्त के चार डीएफओ की निगरानी में कराई जाएगी। एसडीओ और रेंजर के साथ वन समितियों के सदस्य भी मौके पर मौजूद रहेंगे। कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की तैयारी है। वन विभाग का मानना है कि संक्रमित पेड़ों को हटाने के साथ बड़ी संख्या में कीटों को पकड़कर नष्ट करने से उनके प्रजनन और फैलाव को नियंत्रित किया जा सकेगा। विभाग ने पहले से चल रहे कीट नियंत्रण अभियान में स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल किया है।
डिंडौरी में 1.47 लाख पेड़ संक्रमित
वन अधिकारियों के अनुसार साल बोरर कीट पेड़ के तने में छेद कर अंदर पहुंचता है और लकड़ी को नुकसान पहुंचाता है। संक्रमण बढऩे पर पेड़ कमजोर होकर सूखने लगता है। डिंडौरी में अब तक 1,46,784 साल के पेड़ संक्रमित क्षेत्र में चिन्हित किए गए हैं। इन्हें अभियान के तहत हटाया जाएगा।
1997-98 में काटे गए थे 22.15 लाख पेड़
मध्यप्रदेश में साल बोरर का प्रकोप नया नहीं है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 1997-98 में करीब 22.15 लाख साल के पेड़ काटने पड़े थे। उस समय मंडला, डिंडौरी और आसपास के करीब 1.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कीट का व्यापक प्रकोप सामने आया था। साल के पेड़ों के लिए खतरनाक इस कीट को पहली बार वर्ष 1897 में दर्ज किया गया था।
अमरकंटक में भी 9,535 पेड़ संक्रमित
डिंडौरी के अलावा अनूपपुर जिले के अमरकंटक क्षेत्र में भी साल के पेड़ों में संक्रमण पाया गया है। यहां 9,535 संक्रमित पेड़ चिन्हित किए गए हैं। डिंडौरी और अमरकंटक को मिलाकर चिन्हित संक्रमित पेड़ों की संख्या 1,56,319 हो जाती है। डिंडौरी के डीएफओ सामान्य वन मंडल अशोक सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार से पेड़ों की कटाई की अनुमति मिल चुकी है। करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में साल बोरर का प्रकोप है और इसमें करीब 1.47 लाख पेड़ काटे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा जंगल नहीं काटा जाएगा, बल्कि केवल प्रभावित पेड़ों को हटाया जाएगा।

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