
- बांध भरते ही विद्युत उत्पादन में भारी उछाल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राज्य के 12 बांधों में कुल क्षमता का 76 फीसदी पानी मौजूद है। इसकी वजह से प्रदेश के बिजली उत्पादन में तेजी आई है। आधिकारिक रिकार्ड के मुताबिक सितंबर माह में अगस्त की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक बिजली का उत्पादन हुआ है। इसमें राज्य के संयंत्रों ने 12.86 मिलियन यूनिट का योगदान दिया है। जबकि लक्ष्य 10.29 मिलियन यूनिट तय किया गया था। राज्य क्षेत्र के 715 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्रों के लिए जल विद्युत उत्पादन में यह तेजी सितंबर की अपेक्षा अगस्त में भी दिखाई दी है। तब 339 मिलियन यूनिट लक्ष्य के मुकाबले 380.90 मिलियन यूनिट बिजली बनाई गई। यह 42 मिलियन यूनिट ज्यादा है। इसमें 315 मेगावाट क्षमता वाले बाणसागर टोंस-1 ने सबसे ज्यादा 4.73 मिलियन यूनिट उत्पादन किया। बरगी से 2 मिलियन, गांधी सागर से 1 मिलियन, बाणसागर-3 से 0.83, राजघाट से 0.80, मड़ीखेड़ा से 0.60 और बाणसागर 2 से 0.33 मिलियन यूनिट बिजली बनाई गई है।
76 प्रतिशत तक लबालब हैं बांध
प्रदेश के 12 प्रमुख जलाशयों में सितंबर तक औसत 76.9 प्रतिशत से अधिक पानी मौजूद है। इनमें 27 हजार 102 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद है। बाणसागर, बरंगी, राजघाट और अटल सागर 100 प्रतिशत भराव तक पहुंच चुके है। इंदिरा सागर और तवा में भी करीब 84 प्रतिशत से अधिक जलभराव हुआ है। बांधों में उपलब्ध इस पानी ने जल विद्युतघरों का औसत उत्पादन बढ़ा दिया है। केंद्रीय क्षेत्र में 1000 मेगावाट क्षमता वाले इंदिरा सागर जल विद्युत गृह ने 18.17 मिलियन यूनिट के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 18.43 मिलियन यूनिट उत्पादन किया।
