
- दस साल में एक प्रमोशन, अब दूसरा देने की तैयारी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में लंबे समय से अटके सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के प्रमोशन को नियमित करने की दिशा में सरकार ने अब अगला कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। जनवरी 2027 से प्रमोशन का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी है। इस चरण में खास फोकस उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर रहेगा, जिनकी सेवानिवृत्ति में एक-दो साल ही बाकी हैं। उच्च स्तर से सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को दूसरे चरण की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनका प्रमोशन कानूनी विवाद के कारण समय पर नहीं हो पाया और अब रिटायरमेंट नजदीक है। ऐसे मामलों में डीपीसी कराकर पात्र कर्मचारियों को प्रमोशन देने की तैयारी है।
सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन का विवाद वर्ष 2016 से चला आ रहा है। इस वजह से लंबे समय तक नियमित प्रमोशन नहीं हो सके। इसी अवधि में कई कर्मचारियों का निर्धारित समय पर प्रमोशन लंबित होता गया। वर्ष 2026 में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पहला प्रमोशन मिला, लेकिन जिनका अगला प्रमोशन ड्यू हो चुका है, उनके मामले अब दूसरे चरण में लिए जाने की तैयारी है। शासन स्तर पर माना जा रहा है कि दूसरे प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढऩे से लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था को नियमित करने में मदद मिलेगी।
विधानसभा में सबसे पहले शुरू हो सकता है दूसरा चरण
दूसरे चरण में विभिन्न विभागों के साथ विधानसभा के कर्मचारियों के प्रमोशन भी शामिल किए जा सकते हैं। विधानसभा स्तर पर इसकी तैयारी लगभग पूरी होने की बात सामने आ रही है। इसमें ग्रेड-दो से ग्रेड-वन, ग्रेड-वन से सेक्शन ऑफिसर, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव और अवर सचिव से डिप्टी सेक्रेटरी जैसे पदों पर प्रमोशन शामिल हैं। इसी तरह सहायक संचालक से उप संचालक, उप संचालक से संयुक्त संचालक और संयुक्त संचालक से अतिरिक्त संचालक के पदों पर भी पदोन्नति की प्रक्रिया हो सकती है। इंजीनियरिंग विभागों में डिप्टी इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर से ईई, ईई से एसई, एसई से सीई और ईएनसी स्तर तक प्रमोशन के मामले भी दूसरे चरण में लिए जाने हैं।
जुलाई से अब तक करीब एक लाख प्रमोशन
सरकार ने इस साल जुलाई से प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। अब तक करीब एक लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रमोशन मिलने की जानकारी है। इसके बावजूद करीब 50 हजार प्रमोशन अभी लंबित बताए जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग की है। करीब 30 हजार शिक्षकों के प्रमोशन शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़ी अड़चन के कारण रुके हुए हैं। विभाग ने इस समस्या के समाधान का रास्ता निकालने का दावा किया है और दिसंबर से पहले इन शिक्षकों के प्रमोशन की तैयारी की जा रही है।
विभागवार रिपोर्ट मांगी
अब शासन ने जीएडी से दो दिन में विभागवार रिपोर्ट मांगी है। इसमें प्रत्येक विभाग में अब तक कितने प्रमोशन हुए, कितने बाकी हैं और प्रमोशन लंबित रहने की प्रमुख वजह क्या है-इसकी जानकारी शामिल होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जिन मामलों में प्रमोशन अटके हैं, उनके समाधान के लिए विभाग ने जीएडी के किसी वरिष्ठ अधिकारी से सहायता ली या नहीं। इस रिपोर्ट के आधार पर लंबित प्रमोशन के मामलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यानी जनवरी से शुरू होने वाला दूसरा चरण केवल प्रमोशन देने की प्रक्रिया नहीं होगा, बल्कि रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों के लंबित करियर मामलों को समय रहते निपटाने पर भी केंद्रित रहेगा।
