मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार के साथ प्रदेश में बंद पड़े बस डिपो, टर्मिनल और खत्म हो चुके बस स्टैंडों को फिर से उपयोगी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि जहां पुराने बस डिपो या टर्मिनल बंद हैं, वहां सफाई के साथ यात्रियों के बैठने और दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं। जहां बस स्टैंड की व्यवस्था खत्म हो चुकी है, वहां जमीन उपलब्ध कराकर नए बस स्टैंड विकसित किए जाएं। साथ ही सीएम ने हर जिले में रूट की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। 25 सितंबर से शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत फिलहाल 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें संचालित हो रही हैं। सरकार ने अगले पांच साल में इस सेवा का विस्तार करते हुए 2031 तक 14,981 बसें चलाने का लक्ष्य तय किया है। परिवहन विभाग के सर्वे के अनुसार प्रदेश के सात क्षेत्रों में 3636 मार्गों पर करीब 13,006 बसों की जरूरत का आकलन किया गया है। मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों के व्यवस्थित संचालन पर भी जोर दिया। उन्होंने फिटनेस, परमिट की शर्तों और ड्राइवरों के संचालन व व्यवहार की नियमित जांच कराने को कहा है।
