
- घनी बस्तियां बनेंगी हाईटेक
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। पुरानी बसाहटों और शहर के घने इलाकों को नए स्वरूप में विकसित करने के लिए हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियरों ने अहमदाबाद में रीडवलपमेंट के मॉडल समझे। बोर्ड के 15 इंजीनियरों की टीम ने सेप्ट (सीईपीटी) यूनिवर्सिटी में पांच दिवसीय लीडर्स प्रोग्राम में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य विषय क्रिएटिव रीडेवलपमेंट ऑफ सिटीज रहा। टीम अब प्रशिक्षण पूरा कर भोपाल लौट आई है।
साबरमती रिवरफ्रंट और गांधी आश्रम की फील्ड विजिट: कार्यक्रम केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहा। टीम को अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट और गांधी आश्रम की फील्ड विजिट कराई गई। साबरमती रिवरफ्रंट के जरिए नदी किनारे के क्षेत्र के विकास और उससे जुड़े मॉडल को केस स्टडी के रूप में समझा गया। गांधी आश्रम में ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के तरीके देखे गए। इसके अलावा जापान और अन्य विकसित देशों में अपनाए गए रीडेवलपमेंट मॉडल की भी जानकारी दी गई।
सेप्ट यूनिवर्सिटी में मिला विशेष प्रशिक्षण
अहमदाबाद की सेप्ट (सीईपीटी) यूनिवर्सिटी अर्बन प्लानिंग, आर्किटेक्चर, डिजाइन, और हैबिटेट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करने वाला प्रमुख संस्थान है। पांच दिन के कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने शहरी विकास से जुड़े व्यावहारिक मॉडल और केस स्टडी के माध्यम से इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया।
प्लान के हिसाब से विकास पर जोर
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने बताया कि शहर के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों को बिना बेतरतीब निर्माण के किस तरह नए सिरे से विकसित किया जा सकता है। मास्टर प्लान के अनुसार मुख्य सडक़ों और ट्रांजिट कॉरिडोर के दोनों तरफ उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग, बहुमंजिला निर्माण और आवासीय-व्यावसायिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के तरीके समझाए गए। टीम लीड कर रहे इंजीनियर अनुज प्रताप सिंह के अनुसार, प्रशिक्षण में सीमित जमीन पर बेहतर और योजनाबद्ध विकास के साथ शहर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग के जरिए बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लागू करने के मॉडल भी समझाए।
