
देश में वर्ष 2022 से 2026 के बीच चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों और विधायकों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बदली है। इनमें 26 लोकसभा सांसद, 7 राज्यसभा सांसद और 78 विधायक शामिल हैं। चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के दौरान हुए दलबदल, पार्टियों के विलय और इस्तीफे के बाद दोबारा चुनाव जीतकर आने जैसे मामलों को शामिल किया गया है। पार्टी छोडऩे वाले कुल 111 नेताओं में से सबसे अधिक 58 प्रतिशत यानी 64 नेता अकेले एनडीपीपी, टीएमसी और कांग्रेस के थे। आंकड़ों के मुताबिक, एनडीपीपी से सबसे ज्यादा 25 नेताओं ने पाला बदला, जबकि टीएमसी से 20 और कांग्रेस से 19 नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इसके अलावा, बीआरएस के 9, आप और एनसीपी के 7-7, शिवसेना (उद्धव गुट) के 6, जेडीयू के 5 और एनपीपी के 4 नेताओं ने भी अपनी-अपनी मूल पार्टियों को अलविदा कहा।
