थोक के साथ-साथ खुदरा महंगाई दर में भी उछाल देखने को मिली है। अगस्त के महीने में खुदरा महंगाई दर 4.82 प्रतिशत रही है। जोकि जुलाई की तुलना में अधिक है। खाद्य और तेल की कीमतों में तेजी की वजह से खुदरा महंगाई दर बढ़ी है। आज 14 सितंबर को सरकार की तरफ से नए आकंड़े जारी किए गए हैं। बता दें, जुलाई के महीने में रिटेल इनफ्लेशन रेट 4.45 प्रतिशत था। यह लगातार तीसरा महीना है जब खुदरा महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4 प्रतिशत टारगेट से अधिक रहा है। बता दें, भारत की खाद्य महंगाई अगस्त के महीने में 5.52 प्रतिशत थी। जोकि जुलाई के महीने में 5.52 प्रतिशत थी। लहसुन, अदरक और ब्याज की अधिक कीमतों की वजह से खाद्य महंगाई दर में इजाफा हुआ है। इसके अतिरिक्त यातायात खर्च बढ़ा है। यही वजह है कि अगस्त में ट्रांसपोर्ट इनफ्लेशन 4.60 प्रतिशत रहा। जोकि जुलाई के 4.43 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति के पांच प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है, जिसके दूसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
15/09/2026
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