– नए प्रस्ताव के तहत कुल 3300 पदों की मांग …

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में साइबर अपराधों का दायरा जिस रफ्तार से फैल रहा है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि साइबर मुख्यालय में रोज लगभग 1200 कॉल्स मदद मांगने के लिए पहुंच रही हैं, लेकिन बल की कमी के चलते पुलिस इनमें से 64 फीसदी कॉल्स ही अटेंड कर पा रही है। आलम यह है कि हर महीने मिलने वाली करीब 36 हजार शिकायतों में से महज गिनी-चुनी शिकायतों पर ही ठोस कार्रवाई हो पा रही है। इसकी वजह यह है कि सीमित पुलिस बल एक साथ छापेमारी, जांच पड़ताल, केस डायरी तैयार करने, आरोपियों की धरपकड़, डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने और अदालती कामकाज जैसी तमाम जिम्मेदारियों में उलझा रहता है। स्टाफ की किल्लत का फायदा शातिर ठग उठा रहे हैं, क्योंकि बल की कमी के कारण प्रदेश के बाहर जाकर की जाने वाली कार्रवाइयां भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और अपराधी आसानी से बच निकलते हैं।
नए थाने के साथ जांच और फोरेंसिक के लिए मांगी फोर्स: बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए शासन स्तर से प्रदेश में 57 नए साइबर थाने खोलने की मंजूरी मिल चुकी है। योजना के मुताबिक हर जिले में एक साइबर थाना होगा, जबकि राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में दो-दो अलग-अलग थाने प्रस्तावित किए गए हैं। इन नए थानों के संचालन और मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्टेट साइबर पुलिस ने शासन को ढाई हजार से अधिक नए पदों का एक व्यापक प्रस्ताव भेजा है। इस नए प्रस्ताव के तहत कुल 3300 पदों की मांग की गई है, जिसमें 2500 नए पद थानों के लिए, 550 का बल फोरेंसिक विंग के लिए और 250 का स्टाफ इन्वेस्टिगेशन विंग के लिए मांगा गया है। साइबर इकाइयों और खुलने जा रहे नए साइबर थानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 3300 से अधिक का फोर्स यहां भेजने का प्रस्ताव शासन को : भेज दिया गया है। साइबर इकाइयों में स्टाफ की तंगी एक बड़ी चुनौती बनी है।
अभी केवल 293 पद मंजूर इनमें भी महज 255 तैनात
राज्य में साइबर पुलिस की मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो स्टेट साइबर मुख्यालय और उसकी क्षेत्रीय इकाइयों के लिए कुल 293 पद मंजूर हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इनमें से केवल 255 पदों पर ही बल तैनात है और बाकी पद खाली पड़े हैं। डिजिटल अरेस्ट, साइबर: बुलिंग और बैंक फ्रॉड जैसे हाई-टेक अपराधों का ग्राफ लगातार आसमान छू रहा है, जिन्हें सुलझाने की पूरी जिम्मेदारी इसी सीमित अमले पर है। वर्तमान में प्रदेश के भीतर स्टेट साइबर पुलिस की कुल 6 इकाइयां काम कर रही हैं, जिनमें भोपाल स्थित मुख्य कार्यालय के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में क्षेत्रीय कार्यालय संचालित हो रहे हैं।
