
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पुर्नगठन के निर्णय पर राज्य में सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की संकीर्ण मानसिकता करार दिया है और कहा कि सरकार आज जैसा करेगी, आगे वैसा भरेगी। उल्लेखनीय है कि राज्य मंत्रिपरिषद ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन भागों में बांटने का निर्णय लिया है और तीनों के अलग-अलग नाम तय किए हैं। इस पर कांग्रेस ने विरोध जताया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को सरकार के इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राजीव गांधी ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम किया है, जिसकी वजह से आज विश्व में हमारा नाम है। उनका नाम किसी संस्थान से तो हटाया जा सकता है, लेकिन लोगों के दिलों से नाम नहीं हटाया जा सकता।
