वरिष्ठ हारे पूर्व विधायकों को मिल सकता है मंत्री पद का दर्जा

मंत्री पद का दर्जा
  • एमपी में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फिर शुरू की राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद

    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक नियुक्तियों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच हुई बैठक में रिक्त पदों पर नियुक्तियां आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी। एक बार फिर मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्तर पर नाम फाइनल कर नियुक्ति का सिलसिला शुरू किया जाएगा। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण सहित अन्य निगमों-मंडलों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के पद रिक्त हैं। इसके साथ ही सामाजिक दृष्टि से गठित बोर्डों में भी नियुक्तियां की जानी हैं। इन स्थानों पर राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए नेताओं को समायोजित किया जाएगा।
    दर्जा प्राप्त मंत्रियों के शक्ति प्रदर्शनों ने रोकी थी नियुक्तियां
    प्रदेश में 40 से अधिक निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियां की जा चुकी हैं। यह सिलसिला चल रहा था और सूचियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था कि इसी बीच में कुछ निगम, मंडल के अध्यक्षों ने रैली निकाल दी। यह वह समय था, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पेट्रोलियम पदार्थों की बचत को लेकर प्रेरित कर रहे थे। मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ने तो प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद भी पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शक्ति प्रदर्शन किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को भाजपा संगठन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। शासन ने ठाकुर के सारे अधिकार निलंबित कर दिए थे, जो अभी तक बहाल नहीं हुए हैं। इसके बाद नियुक्तियों का सिलसिला भी थम गया था। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने एक दर्जन से अधिक निगमों-मंडलों की संभावित नियुक्तियों को आगामी आदेश तक होल्ड पर डाल दिया था। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और देवास जैसे प्रमुख विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष और अशासकीय सदस्यों की नियुक्तियां भी अटक गईं। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा था कि आचरण में अहंकार लाने वाले नेताओं को काम करने से रोका जा सकता है।
    हारे हुए वरिष्ठ पूर्व विधायकों को भी दर्जा मंत्री बना सकती है पार्टी
    पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा के बाद दर्जा मंत्रियों की रुकी हुई सूची जारी होने की संभावना है। अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी घोषित हो गई है। ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि जो संगठन में रहेगा, उन्हें सरकार का कोई पद नहीं दिया जाएगा। पहले पार्टी ने हारे हुए विधायकों को निगमों-मंडलों में नियुक्त नहीं किए जाने का निर्णय लिया था। इसमें कुछ संशोधन होने की संभावना है। पार्टी एक- दो हारे हुए लेकिन वरिष्ठ पूर्व विधायकों को दर्जा मंत्री बना सकती है।

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