रक्षाबंधन से पहले चीनी की कीमतों में लगी आग

  • राजधानी में 65 रुपए प्रति किलो हुई शक्कर, प्रति दिन 200 टन होती है खपत

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
राजधानी में शक्कर के बढ़ते दामों ने गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है। थोक बाजार में शुक्रवार को शक्कर की कीमत 66 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। जो बीस दिन पहले 1 अगस्त को 44 रुपए प्रति किलो के स्तर पर बिक रही थी। जबकि फुटकर बाजार में शक्कर के दाम 70 से 75 रुपए किलो बताए जा रहे हैं। लगातार दाम बढ़ने जहां व्यापारी सकते में आ गए हैं वहीं शहर की महिलाओं ने घर का बजट बिगड़ने की बात कही।
सरकार ने लिमिट घटाई: व्यापारी विवेक साहू ने बताया कि सरकार ने मीलों से शक्कर उठाने की अवधि 15 दिन की बजाय अब सात दिन कर दी है। इसका असर भी बाजार पर दिख रहा है।
त्यौहारी मांग से बढ़ रहे दाम
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन में मिठाई, नमकीन, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबार में शक्कर की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे समय में यदि बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं रहा तो कीमतों पर और दबाव बन सकता है। साहू ने कहा कि शक्कर की कीमतों में अनावश्यक तेजी रोकने के लिए जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर भी प्रभावी निगरानी जरूरी है। व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक रहेगा और बाजार में नियमित आपूर्ति बनी रहेगी तो अचानक होने वाली तेजी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। वहीं ग्रोसरी किराना स्टोर के संचालक दौलत राम साहू ने बताया कि शहर में जमाखोरी के कारण शक्कर के भाव रोजाना बढ़ रहे हैं, पहले एक सप्ताह या दो सप्ताह में दाम बढ़ते थे। किराना व्यापारी सचिन जैन का कहना है कि निश्चित तौर से 15 दिन में 18 से 20 रुपए की तेजी चीनी में देखी गई है। आने वाले समय में और तेजी की संभावना है, क्योंकि जन्माष्टमी, रक्षाबंधन है. दीपावली सहित लगातार त्योहार आने वाले हैं. मुख्य वजह कम बारिश होना, गन्ने का उत्पादन कम और आयात में भी कमी देखी जा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से कीमतों में कंट्रोल नहीं किया जा रहा।
क्यों बढ़ गई कीमतें?
सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर चीनी के दाम में अचानक इतनी तेजी क्यों आ गई? इसका कारण चीनी का मौजूदा स्टॉक बताया जा रहा है। इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि 30 सितंबर यानी शुगर सीजन के अंत तक चीनी का स्टॉक 30 लाख टन से 35 लाख टन रह जाएगा जो नए सीजन के आने वाले 2 महीनों तक भी नहीं चल सकेगा। इन अटकलों के बीच सरकार ने शुगर स्टॉक लिमिट भी तय की लेकिन कीमतों में नियंत्रण नहीं दिखा।
शक्कर की रोजाना खपत
भोपाल संभाग में 1000 टन
भोपाल शहर में 200 टन
थोक में शक्कर प्रति किलो 66 रुपए
1 अगस्त को शक्कर प्रति किलो 44 रुपए
वस्तुएं महंगी होने से घर का बजट बिगड़ा
अचानक शक्कर के दाम में बढ़ोतरी करके सरकार ने आम आदमी की कमर ही तोड़ दी है। पेट्रोल के दाम अभी कुछ दिन पहले ही बढ़ाए थे कि फिर ये दूसरा प्रहार रसोई पर कर दिया। मध्यम वर्गीय परिवार का बजट बहुत प्रभावित होगा सरकार हरदम इस समस्या से उदासीन रहती है कि महंगाई तो सुरसा के मुंह की तरह बढ़ा देती है पर लोगों की पेमेंट तो वहीं की वहीं रहती है, सरकारी हो या प्राइवेट नौकरी सभी की पेमेंट भी बढ़ना चाहिए। शक्कर के भाव बढ़ने से चाय समेत सभी के दाम बढ़ गए।
– डॉ. लता स्वरांजलि, कवियत्री
खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से घर-गृहस्थी के बजट में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकार को दामों पर नियंत्रण करना चाहिए। जिससे गरीब मध्यमवर्गीय परिवार अपना बेहतर जीवन यापन कर सकें। बाजार में हो रही जमाखोरी पर भी नियंत्रण लगाना चाहिए।
– नीलम विजयवर्गीय, सामाजिक कार्यकर्ता
शक्कर क्या हर किराना वस्तु ड्राई फ्रूट, फल-सब्जी के दाम पिछले दो सालों में कई गुना बढ़ गए हैं। बेलगाम होती महंगाई पर आखिर कब नियंत्रण लगेगा। सरकार महंगाई पर तत्काल रोक लगाना चाहिए।
-अन्मोल सिंह, गायिका
आजकल रोजाना चीजों के भाव बढ़ने से घर का बजट 35 से 50 प्रतिशत तक अधिक खर्च हो रहा है। एक ओर आमदनी घट रही हैं वहीं राशन महंगा होता जा रहा है। परिवार का भरण-पोषण करना दुश्वार हो गया है। सभी खाद्य वस्तुएं महंगी मिल रही हैं। जिससे सभी परेशान हैं।
– नीलम सिंह राजपूत

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