- फेल हुए तो होगी अनिवार्य रिटायरमेंट

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अब नौकरी की निरंतरता से जुड़ गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। तय अवधि में परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का प्रावधान बताया गया है। टीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू हो गई है और अभ्यर्थी 4 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 12 अक्टूबर से आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा मुख्य रूप से वर्ष 1998 से 2011 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए रखी गई है।
पात्रता परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का रहेगा। परीक्षा में सफल होने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 50 फीसदी अंक, जबकि अन्य वर्गों के अभ्यर्थियों को 60 फीसदी अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि परीक्षा सिर्फ पदोन्नति या नई नियुक्ति की पात्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्धारित समय में इसे पास नहीं करने पर सेवा पर असर पड़ सकता है।
15 दिन के विशेष अवकाश की मांग
परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षक संगठनों ने सरकार से विशेष अवकाश देने की मांग की है। गुरुजी अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पटेल ने कहा कि शिक्षकों को तैयारी के लिए कम से कम 15 दिन का विशेष अवकाश मिलना चाहिए। शिक्षक संगठन ने यह भी मांग की है कि परीक्षा का सिलेबस जल्द जारी किया जाए। संगठन का कहना है कि जब शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए समय सीमा तय की गई है, तो तैयारी के लिए पर्याप्त समय और स्पष्ट पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके अलावा परीक्षा शुल्क समाप्त करने और ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल प्रति प्रश्न पत्र 1,000 परीक्षा शुल्क निर्धारित बताया गया है।
आवेदन में सुधार का मौका 9 सितंबर तक
एमपीईएसबी के कार्यक्रम के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू होकर 4 सितंबर तक चलेगी। आवेदन में किसी तरह की त्रुटि होने पर 9 सितंबर तक ऑनलाइन सुधार किया जा सकेगा। कियोस्क के माध्यम से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पोर्टल शुल्क के रूप में 60 और सिटीजन यूजर के जरिए आवेदन करने पर 20 अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
परीक्षा केंद्र पर पहचान पत्र जरूरी
परीक्षा में शामिल होने के लिए मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य रहेगा। अभ्यर्थी मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से किसी एक का उपयोग कर सकेंगे। यूआईडीएआई से सत्यापित ई-आधार ही मान्य होगा। परीक्षा केंद्र पर बहुस्तरीय बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा। निर्धारित रिपोर्टिंग समय के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
मोबाइल-कैलकुलेटर पर रोक
परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल घड़ी, लॉग टेबल, नकल पर्ची और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। परीक्षा शुरू होने के बाद समाप्ति तक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष छोडऩे की अनुमति नहीं होगी। डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए यह परीक्षा अब महज पात्रता परीक्षा नहीं रह गई है। दो साल की समय सीमा और सेवा पर संभावित असर के कारण टीईटी को लेकर शिक्षक संगठनों और सरकार के बीच आने वाले दिनों में विवाद और मांगें तेज होने की संभावना है।
