प्रदेश के टाइगर रिजर्वो को दस साल में कितना बजट मिला?

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्वो के लिए पिछले 10 वर्षों में कितना बजट आवंटित किया गया है? जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह जानकारी इसलिए मांगी, क्योंकि याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा हर साल बजट में कटौती की जा रही है। बेंच ने प्रदेश सरकार को सभी टाइगर रिजर्वों में रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। जनहित याचिका चेम्बूर (मुंबई) के अधिवक्ता और वन्यजीव प्रेमी सुबित चक्रवर्ती की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि 2 अप्रैल से अब तक कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के खौफनाक प्रसार से 10 बाघों की मौत हो चुकी है। याचिका में मांग की गई है कि एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत इन मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया जाए। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने 29 मई 2026 को नोटिस जारी किए थे। बुधवार को हुई आगे की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह और प्रतीक रूसिया ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को जवाब पेश करने के निर्देश दिए।

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