
पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में डकैत समस्या का समापन होने के बाद पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और फिर विधानसभा में तत्कालीन गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने डकैत उन्मूलन कानून समाप्त करने की घोषणा की है। बावजूद प्रदेश में एक हजार लोगों पर डकैत उन्मूलन कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से कई को जेल भेजा जा चुका है। डॉ. सिंह ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा में बताया कि मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में है कि दतिया में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में मोबाइल को लेकर झगड़े के बाद डकैत उन्मूलन कानून लागू कर दिया गया।
