
राज्य सरकार ने राज्य और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों के अध्यक्षों तथा सदस्यों की नियुक्ति उनके वेतन भत्तों को लेकर सुधार किया है। इसके लिए उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए पे प्रोटेक्शन की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत यदि किसी अध्यक्ष या सदस्य का अपनी पिछली सेवा में लिया गया अंतिम वेतन आयोग में निर्धारित वेतन से अधिक है, तो उस वेतन को संरक्षित रखा जाएगा। यानी यहां वेतन कम है और पिछली सेवा जैसे आयोग के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति जज, रिटायर्ड जज या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की होती है और उनका आयोग में वेतन जहां वे पूर्व में कार्यरत थे अंतिम वेतन से कम है तो उनका वेतन पूर्व वेतन के बराबर ही होगा। इसमें कहीं कमी हो गई है तो उसके एरियर का भुगतान किया जाएगा।
