आफत की मूसलाधार…भोपाल में सभी स्कूल बंद

डिंडोरी में नदियां उफान पर, जबलपुर-मंडला से टूटा संपर्क

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश जारी है। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। सोमवार 10 अगस्त 2026 को भोपाल जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्रों पर लागू होगा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक भारी बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के बीच बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी और जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। इधर, सबसे गंभीर हालात डिंडोरी जिले में बने हैं, जहां 10 घंटों में 6 इंच से अधिक रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। डिंडोरी में रविवार को तेज बारिश से एक कच्चा मकान गिर गया। मलबे में दबकर सात साल के राजा नाम के बच्चे की मौत हो गई। बारिश के चलते नर्मदा, खरमेर और चकरार नदियां रौद्र रूप में आ गई हैं, जिससे पूरे जिले का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पुल डूबने से डिंडोरी का जबलपुर, मंडला, अमरकंटक और शहडोल मार्ग से संपर्क टूट गया है। *मंडला में भी अलर्ट*मंडला में भी नर्मदा नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह 9 बजे यह 435 मीटर था, जो देर शाम तक वार्निंग लेबल को क्रॉस कर 437.6 मीटर पर पहुंच गया। छोटा पुल (रपटा) डूब गया है। स्कूलों की छुट्टी का यह आदेश केवल सरकारी विद्यालयों तक सीमित नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार भोपाल जिले के शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए यह अवकाश लागू रहेगा।*नर्सरी से 12वीं तक के छात्रों को छुट्टी*भोपाल जिले में जारी आदेश के अनुसार सोमवार को नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं नहीं लगेंगी। यानी प्री-प्राइमरी से लेकर हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर तक के छात्र-छात्राओं को स्कूल नहीं जाना होगा।यह फैसला बारिश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।*डूब गए सभी प्रमुख मंदिर*नर्मदा तट के निचले इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है। जहां आनन-फानन में सात से अधिक परिवारों को सुरक्षित रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया। जिला मुख्यालय का मुख्य पुल और जबलपुर मार्ग का जोगी टिकरिया पुल सुबह से ही पानी में डूब गए। नर्मदा नदी के तट पर स्थित सभी प्रमुख मंदिर और घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। तटवर्ती बस्तियों में 3 से 4 फीट तक पानी भर जाने से लोगों के घरों का सामान बह गया और भारी नुकसान हुआ है। *अगले तीन दिन भी बारिश का अलर्ट*मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।लगातार बारिश के बीच लोगों को नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। खासकर तेज बहाव वाले पानी में वाहन लेकर जाने से बचने की जरूरत है। लगातार बारिश के बीच स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी का फैसला प्रशासन की एहतियाती रणनीति का हिस्सा है। भारी बारिश के दौरान बच्चों का घर से स्कूल और स्कूल से घर तक आना-जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।भोपाल, डिंडौरी और राजगढ़ में लिए गए फैसलों से साफ है कि प्रशासन फिलहाल मौसम की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

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