महिलाओं को रोजगार और न्यायिक व्यवस्था को मिली नई सौगात

रोजगार और न्यायिक व्यवस्था
  • घर पर ही चरखा चलाकर महिलाएं बनेगी आत्मनिर्भर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। श्रावण के पवित्र माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पूरा दिन उज्जैन में विभिन्न कार्यक्रमों के नाम रहा। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन-अर्चन किया। इसके साथ ही महिलाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्य का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने स्वयं चरखा चलाकर महिलाओं से संवाद किया।
साथ ही प्रथम तल पर प्रशिक्षण केंद्र और भूतल पर शोरूम बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान बताया गया कि मृगनयनी देश का पहला सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म बना है। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश के कारीगरों और बुनकरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड स्थित बाबा साहब नातू सामुदायिक भवन में हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया। यहां महिलाओं को छह महीने का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में बुनाई, लूम संचालन और कपड़ा निर्माण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। महिलाओं को घर पर चरखे के माध्यम से काम करने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वे घर से काम करते हुए करीब 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक आय अर्जित कर सकेंगी। सेंटर में कॉटन और रेशम उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप हाथकरघा को बढ़ावा देना, पारंपरिक कला को संरक्षित करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य है।
महाकाल मंदिर में पूजन-अर्चन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे और भगवान महाकाल एवं श्री नंदीजी का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद वे शयन आरती में शामिल हुए और भक्ति भाव में झांझ बजाई। मुख्यमंत्री ने मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं से भी चर्चा कर दर्शन व्यवस्था की जानकारी ली। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह तथा प्रशासक प्रथम कौशिक ने मुख्यमंत्री को दुपट्टा ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया।
18.66 करोड़ की लागत से बनेगा जज गेस्ट हाउस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने 18.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। यह भवन 1.947 एकड़ भूमि पर जी+1 संरचना में बनाया जाएगा। इसके भूतल पर चार वीआईपी और दो सामान्य सुइट होंगे, जबकि प्रथम तल पर एक वीवीआईपी और आठ सुइट प्रस्तावित हैं। उल्लेखनीय है कि हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में महिलाओं को लगभग 6 माह का बुनियादी हाथकरघा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को हाथकरघा संचालन, बुनाई एवं कपड़ा निर्माण की तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा।

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