
भुगतान के बजाय स्टे लेने विभागों को निर्देश
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में पेंशन पुनरीक्षण के लंबित एरियर भुगतान का मामला अब सरकार की कानूनी रणनीति तक पहुंच गया है। वित्त विभाग ने सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि 32 माह और 27 माह के लंबित एरियर से जुड़े मामलों में भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय न्यायालय से स्थगन प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इससे करीब 2006-08 और 2016-18 की संबंधित अवधि के एरियर भुगतान पर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। सरकार की ओर से जारी निर्देश में शासकीय अधिवक्ता या प्रभारी अधिकारी के माध्यम से लंबित प्रकरणों और अवमानना याचिकाओं में कानूनी स्थिति मजबूत करने को कहा गया है। पहला मामला 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक के 32 माह के छठवें वेतनमान के एरियर से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 2.46 लाख पेंशनर्स के एरियर का यह मामला है, जिसकी अनुमानित राशि करीब 400 करोड़ रुपए बताई जा रही है। दूसरा मामला 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक के 27 माह के सातवें वेतनमान के एरियर से संबंधित है। इसके दायरे में करीब 4.50 लाख पेंशनर्स बताए जा रहे हैं और इसकी अनुमानित वित्तीय देनदारी करीब 4 हजार करोड़ रुपए बताई गई है।
